पंजाब के अमृतसर जिले के मजीठा क्षेत्र में उस समय कोहराम मच गया, जब एक के बाद एक 21 लोगों की जानें जहरीली शराब की चपेट में चली गईं. मरने वालों में गांव भंगाली कलां, मराड़ी कलां, पातालपुरी, थ्रिएवाल, तलवंडी खुम्मन और करनाला के लोग शामिल हैं. इस त्रासदी ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है, वहीं अस्पताल में भर्ती 9 अन्य लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनमें से 4 तो बोलने की स्थिति में भी नहीं हैं.
प्रशासनिक लापरवाही या सुनियोजित हत्या
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस हृदयविदारक घटना को सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि "हत्या" करार दिया. उनका कहना है कि ये मौतें किसी सिस्टम की विफलता नहीं, बल्कि आपराधिक लापरवाही और लालच का नतीजा हैं. सीएम ने घटना स्थल का दौरा किया और मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद और बच्चों की पढ़ाई तथा नौकरी के वादे किए.
दिल्ली तक जुड़ रहे हैं तार
मुख्यमंत्री मान ने खुलासा किया कि जहरीली शराब की इस कड़ी के तार दिल्ली तक जा रहे हैं. पंजाब सरकार की टीमें दिल्ली में भी जांच कर रही हैं. उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी दोषी हो – "पावरफुल हो या छोटा मोटा आदमी – किसी को बख्शा नहीं जाएगा."
SHO और DSP सस्पेंड, 9 गिरफ्तार
फिलहाल, पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे यह पूछताछ की जा रही है कि यह नकली शराब कहां से आई और इसकी सप्लाई चैन में कौन-कौन शामिल है. मजीठा थाने के SHO अवतार सिंह और DSP अमोलक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
स्थानीय लोगों ने क्या कहा?
इलाके के स्थानीय लोगों का कहना है कि नकली शराब का धंधा कोई नया नहीं है. वर्षों से ये धंधा चल रहा था, लेकिन प्रशासन ने कभी गंभीरता से कार्रवाई नहीं की. अब जब लोगों की जानें गईं, तब जाकर छापेमारी शुरू हुई.
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