लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर आईएएस अधिकारियों के तबादले किए. कुल 46 अधिकारियों की नई तैनाती की गई है, जिसमें मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी जैसे अहम पद शामिल हैं. इस बार के तबादले में राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों और मंडलों में बदलाव किया गया है, जिससे प्रशासनिक कामकाज और विकास परियोजनाओं में तेजी लाने की उम्मीद है.

मिर्जापुर और वाराणसी में नए नेतृत्व का आगमन
राजेश कुमार को मिर्जापुर का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है. वे पहले भी कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रह चुके हैं और उनकी नियुक्ति से मिर्जापुर में विकास परियोजनाओं को गति मिलने की संभावना है. वहीं, मौजूदा कमिश्नर बालकृष्ण त्रिपाठी को सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग का सचिव बनाया गया है. वाराणसी में प्रखर सिंह को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बनाया गया है. वाराणसी जैसे धार्मिक और पर्यटन केंद्र में उनकी नियुक्ति से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और गंगा सफाई जैसे कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है.

कौशांबी और बलरामपुर पर विशेष फोकस
जिलाधिकारी स्तर पर भी बड़े बदलाव किए गए हैं. कौशांबी में नए डीएम की नियुक्ति से स्थानीय मुद्दों जैसे सिंचाई और कृषि विकास पर अधिक ध्यान दिया जाएगा. जबकि सीमावर्ती जिले बलरामपुर में सुरक्षा और अवस्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी.

परिवहन विभाग में IAS अर्चना अग्रवाल की वापसी
23 अक्टूबर को भी कुछ महत्वपूर्ण ट्रांसफर हुए थे. प्रतीक्षारत अपर मुख्य सचिव अर्चना अग्रवाल को अब परिवहन विभाग और यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम का प्रभार सौंपा गया है. अर्चना अग्रवाल पहले 2009-10 में उत्तर प्रदेश ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रह चुकी हैं और 15 साल बाद पुनः इस विभाग की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. इस दौरान, अमित कुमार गुप्ता से परिवहन विभाग का दायित्व वापस ले लिया गया. उनके नाम लिम्का बुक ऑफ नेशनल रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा जिलों में जिलाधिकारी रहने का रिकॉर्ड दर्ज है.

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