दिल्ली की राजनीति में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल राजेश गुप्ता ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम लिया. यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब MCD उपचुनाव बेहद करीब हैं, और इसे AAP के लिए एक गंभीर झटका माना जा रहा है.
राजेश गुप्ता, जो पार्टी में उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय प्रवक्ता और कर्नाटक प्रभारी की भूमिका निभा रहे थे, पिछले दस वर्षों से AAP के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे थे. लेकिन शनिवार को वह बीजेपी मुख्यालय पहुंचे और औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हो गए.
पार्टी अपने रास्ते से भटक चुकी है- गुप्ता
बीजेपी में शामिल होने के बाद राजेश गुप्ता ने मीडिया के सामने अपने अनुभव साझा किए. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वह कई बार भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि AAP अब वह पार्टी नहीं रह गई जो उन्होंने दस साल पहले ज्वॉइन की थी. गुप्ता के अनुसार पार्टी की आंतरिक स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचना लगभग असंभव हो गया है.
Prominent Personalities are joining BJP in the presence of State President Shri @Virend_Sachdeva https://t.co/dWNHJ4UIQJ
— BJP Delhi (@BJP4Delhi) November 29, 2025
उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल तक बात पहुंचाना तो दूर, वह मेरा फोन तक नहीं उठाते. प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी संवाद से बचते हैं. इतने सालों की मेरी मेहनत को पार्टी ने पूरी तरह भुला दिया.”
गुप्ता का दावा है कि AAP ने अपने मूल सिद्धांतों- पारदर्शिता, ईमानदारी और जनता की राजनीति से दूरी बना ली है और संगठन भ्रष्टाचार के आरोपों में लगातार उलझता जा रहा है.
बीजेपी ने कहा- अनुभव हमारी ताकत बनेगा
राजेश गुप्ता के बीजेपी में शामिल होने के बाद दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और कई अन्य नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कदम आगामी उपचुनावों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है.
बीजेपी नेताओं ने टिप्पणी की, “जो लोग AAP की अंदरूनी सच्चाई पहचान चुके हैं और उससे बाहर आ रहे हैं, वे अब हमारे लिए ताकत बनेंगे. दिल्ली में विकास की राजनीति को नई गति मिलेगी.”
बीजेपी का मानना है कि गुप्ता जैसे अनुभवी संगठनकर्ता और प्रवक्ता पार्टी को दिल्ली में और मजबूती देंगे.
MCD उपचुनाव से पहले AAP की मुश्किलें बढ़ीं
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब AAP को अपनी इकाई को मजबूत रखने की आवश्यकता थी. MCD उपचुनाव पहले से ही दिल्ली की तीनों प्रमुख पार्टियों- AAP, बीजेपी और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बने हुए हैं.
एक वरिष्ठ नेता का इस तरह भावनात्मक तरीके से पार्टी छोड़ देना AAP की छवि पर असर डाल सकता है. हालांकि AAP की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी में असंतोष का दायरा बढ़ रहा है.
बीजेपी में नई भूमिका पर गुप्ता का फोकस
बीजेपी ज्वॉइन करने के बाद राजेश गुप्ता ने कहा कि वह दिल्ली में विकास की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहते हैं. उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और बीजेपी की विचारधारा की सार्वजनिक तौर पर सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रहित उनके लिए सर्वोपरि है.
उन्होंने कहा, “अब मेरा लक्ष्य दिल्ली के लिए काम करना है. बीजेपी ने मुझे जिस विश्वास के साथ अपनाया है, उसे मैं प्रदर्शन से साबित करूंगा.”
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