Chitrangada Singh On Dhurandhar: साल 2025 की बॉलीवुड फिल्मों में ‘धुरंधर’ ने जिस तरह धमाका किया, वह किसी भी फिल्म प्रेमी के लिए यादगार साबित हुआ. 3.30 घंटे लंबी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 800 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करते हुए अब तक की सबसे बड़ी हिंदी फिल्म बन गई.
लेकिन इस ब्लॉकबस्टर सफलता का असली राज सिर्फ स्टार कास्ट या भव्य सेट नहीं था, बल्कि इसकी मजबूत और दिलचस्प कहानी थी. फिल्म की कहानी ने दर्शकों को इतना बांधा कि लंबे रनटाइम का एहसास तक नहीं हुआ. यही वजह है कि इंडस्ट्री के लोग इसे आने वाली फिल्मों के लिए नया बेंचमार्क मान रहे हैं.
चित्रांगदा सिंह का राइटिंग पर जोर
फिल्म में अहम भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह ने ‘धुरंधर’ की सफलता का श्रेय राइटिंग को देते हुए कहा कि आज की बॉलीवुड इंडस्ट्री में स्क्रीनप्ले और कहानी की ताकत को समझना बेहद जरूरी है. उन्होंने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि फिल्म की राइटिंग इतनी मजबूत थी कि पूरी फिल्म की नींव वहीं से बनती है.
चित्रांगदा ने कहा, “धुरंधर की राइटिंग कमाल की है. चाहे लोग फिल्म को लेकर कुछ भी सोचें, हर किरदार, हर सीन और हर संवाद सिर्फ अच्छे लेखन की वजह से काम करता है. इसे देखकर सच में बहुत मजा आया.“
बॉलीवुड में बदलाव की वजह बने 'धुरंधर'
चित्रांगदा ने कहा कि फिल्म ने इंडस्ट्री में राइटिंग की अहमियत को लेकर एक नई चेतना पैदा की है. उनका मानना है कि अब सिर्फ बड़े स्टार्स और भव्य सेट्स के भरोसे फिल्में नहीं बन सकतीं. स्क्रीनप्ले और कहानी की ताकत को सलाम करना जरूरी है.
उन्होंने कहा, “आप किसी भी फिल्म को सिर्फ स्टार के कंधों पर नहीं छोड़ सकते. बुरी कहानी या कमजोर डायरेक्शन हो, तो स्टार भी उसे संभाल नहीं सकता. धुरंधर ने यह साफ कर दिया कि लिखने से कितना बड़ा फर्क पड़ सकता है.“ उनके अनुसार, यह फिल्म एक वेक-अप कॉल की तरह है, जो बताती है कि अच्छी कहानी कितनी महत्वपूर्ण है और कैसे यह फिल्म को सुपरहिट बना सकती है.
चित्रांगदा का नया प्रोजेक्ट: 'बैटल ऑफ गलवान'
वहीं, चित्रांगदा इन दिनों अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ को लेकर चर्चा में हैं. यह उनकी पहली फिल्म होगी जिसमें वह सुपरस्टार सलमान खान के साथ नजर आएंगी. फिल्म 17 अप्रैल को थिएटर्स में रिलीज होने वाली है और इसका टीजर सलमान के 60वें जन्मदिन पर रिलीज हुआ था, जिसने फैंस में उत्साह और बढ़ा दिया है. चित्रांगदा का मानना है कि ‘बैटल ऑफ गलवान’ और ‘धुरंधर’ जैसी फिल्में बॉलीवुड में कहानी और स्क्रीनप्ले के महत्व को और उजागर करेंगी.
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