सिंगिंग, एक्टिंग और होस्टिंग—इन तीनों ही क्षेत्रों में अपना लोहा मनवाने वाले आदित्य नारायण आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. उदित नारायण जैसे दिग्गज गायक के बेटे होने के बावजूद आदित्य ने अपनी मेहनत और टैलेंट से इंडस्ट्री में खास जगह बनाई है. लेकिन इस वक्त रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ में उनकी परफॉर्मेंस पर फैंस नाखुश हैं. शो में आदित्य का अब तक का सफर उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है, और दर्शकों के बीच सवाल उठने लगे हैं क्या आदित्य खुद को साबित कर पाएंगे?
शो की थीम जहां ताकत और रणनीति पर आधारित है, वहीं आदित्य का किरदार अब तक पर्दे के पीछे छुपे खिलाड़ी जैसा रहा है. वह न तो किसी ठोस रणनीति के साथ सामने आए हैं, और न ही अपनी कोई स्वतंत्र सोच दर्शाई है. शो में उनकी जोड़ी अरबाज पटेल और धनश्री वर्मा के साथ बन चुकी है, लेकिन फैंस का कहना है कि आदित्य इस ट्रायो में सबसे कमजोर कड़ी बनकर उभरे हैं. शो में अक्सर यह देखा गया है कि आदित्य, अरबाज के हर निर्णय को बिना सवाल किए स्वीकार कर लेते हैं. चाहे गेम प्लान हो या राइज-फॉल के फैसले आदित्य हमेशा अरबाज की रणनीति को आंख मूंदकर फॉलो करते हैं.
साइड रोल में दिख रहे हैं आदित्य, फैंस ने जताई नाराज़गी
एक ऐसा शख्स जिसने मंचों पर अपनी दमदार मौजूदगी से दर्शकों का दिल जीता है, वही जब एक रियलिटी शो में पृष्ठभूमि में सिमट जाए, तो फैंस का निराश होना स्वाभाविक है. सोशल मीडिया पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जहां फैंस कह रहे हैं कि आदित्य को अब फ्रंट फुट पर खेलना चाहिए. शो के अन्य प्रतिभागी जैसे अर्जुन बिजलानी और कीकू शारदा भी शो में कई बार ये बात कह चुके हैं कि आदित्य को अपनी सोच से फैसले लेने चाहिए.
गलती का एहसास, अब क्या बदलेंगे आदित्य का गेमप्लान?
बीते एपिसोड में एक ऐसा मोड़ आया जिसने शायद आदित्य की सोच को झटका दिया. जब यूट्यूबर आरुष भोला को राइज कराने की बात आई, तो आदित्य ने दिल से फैसला लेने की जगह अरबाज की राय मानी और कुब्रा सैत को पेंटहाउस पहुंचा दिया. इसके बाद उन्होंने खुद यह स्वीकार किया कि उन्होंने अपने मन की नहीं सुनी, और इस फैसले पर पछतावा भी जाहिर किया. यह पहला संकेत है कि आदित्य को अब इस बात का अंदाज़ा हो रहा है कि अगर उन्होंने जल्द गेम में बदलाव नहीं किया, तो उनका सफर शो में लंबा नहीं चलेगा.
अब दर्शकों की नजरें आदित्य पर
अब सवाल ये उठता है कि क्या आदित्य आने वाले एपिसोड्स में खुद को एक सोलो प्लेयर के रूप में साबित कर पाएंगे? क्या वह अपनी रणनीति बनाएंगे, अपने फैसले खुद लेंगे, और एक लीडर की तरह सामने आएंगे? या फिर वह इसी तरह किसी और की छत्रछाया में खेलते हुए दर्शकों की उम्मीदों को तोड़ते रहेंगे? फिलहाल, इतना तय है कि आदित्य को अब अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलना होगा, क्योंकि उनके फैंस उन्हें केवल गाते या होस्ट करते नहीं देखना चाहते वे उन्हें लड़ते हुए, फैसले लेते हुए और आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं.
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