पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालिया सीमा संघर्ष के बाद अब शांति बहाली की दिशा में कदम उठाए गए हैं, लेकिन इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बयान फिर से चर्चा में आ गया है. उन्होंने इस संघर्ष विराम को सीधे तौर पर अफगान तालिबान की कार्रवाई और उनकी "क्षमता" से जोड़ा है.
20 अक्टूबर को इस्लामाबाद में मीडिया से बात करते हुए रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हुआ सीजफायर समझौता इस बात पर निर्भर करता है कि तालिबान आतंकी संगठनों को सीमा पार हमलों से रोक पाता है या नहीं. उनका कहना था, “अगर अफगानिस्तान की ओर से कोई भी गतिविधि होती है, तो वह इस समझौते का उल्लंघन मानी जाएगी.”
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यह समझौता पाकिस्तान, अफगानिस्तान, तुर्किये और कतर के बीच दोहा में हुआ है, जिसमें सीमा पर किसी भी प्रकार की घुसपैठ न होने की शर्त तय की गई है.
TTP को लेकर पाकिस्तान की चिंता
ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर अफगान तालिबान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को शह देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह आतंकी संगठन, जो लंबे समय से पाकिस्तान में हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता रहा है, तालिबान की छत्रछाया में पनप रहा है.हालांकि, तालिबान प्रशासन की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया है और अभी तक इस बयान पर कोई नई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
सीमा संघर्ष और एयरस्ट्राइक में जान गंवाने वाले अफगान खिलाड़ी
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दुखद पहलू यह रहा कि हाल ही में पाकिस्तान की ओर से की गई एयरस्ट्राइक में अफगानिस्तान के तीन क्रिकेट खिलाड़ियों समेत 10 लोगों की मौत हो गई. यह हमला पक्तिका प्रांत में हुआ था, जिसे लेकर अफगानिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बिना किसी उकसावे के की गई.अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने भी इस घटना की पुष्टि की और मारे गए खिलाड़ियों के प्रति शोक व्यक्त किया.
संघर्ष विराम के बाद बनी शांति की उम्मीद
कई दिनों तक चले टकराव के बाद दोनों देशों ने 48 घंटे के संघर्ष विराम पर सहमति जताई थी, जिसके बाद अब सीमाई इलाकों में स्थिति फिलहाल शांत बताई जा रही है. हालांकि दोनों देशों के बीच विश्वास की खाई अभी भी बनी हुई है.
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