पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीमा विवाद और आतंकी गतिविधियों को लेकर कई बार टकराव हो चुका है, लेकिन इस बार मामला कहीं अधिक गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है.
हालिया घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान ने अपने क्षेत्र में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ कार्रवाई के तहत अफगान सीमा के भीतर जाकर कथित हवाई हमले और तोपखाने से हमला किया. पाकिस्तान का आरोप है कि TTP के कई ठिकाने अफगानिस्तान के भीतर से संचालित हो रहे हैं और हालिया आतंकी हमलों के पीछे इन्हीं का हाथ है.
NEW: The Taliban is sending reinforcements as clashes with Pakistan escalate. pic.twitter.com/dkmk32cTRg
— Clash Report (@clashreport) October 11, 2025
इसके जवाब में अफगानिस्तान में तालिबान शासन के तहत काम कर रही इस्लामिक अमीरात की सेनाओं ने सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान की अग्रिम चौकियों पर भारी गोलाबारी की. इस गोलीबारी और झड़प में कम से कम 18 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है, जिसे अफगान मीडिया ने भी रिपोर्ट किया है.
पाकिस्तान को हुआ बड़ा नुकसान
अफगानिस्तान से जुड़े टोलो न्यूज के मुताबिक, न सिर्फ पाकिस्तानी सैनिक हताहत हुए हैं, बल्कि एक पाकिस्तानी टैंक भी अफगान बलों के कब्जे में चला गया है. यह घटना कंधार के मैवंद जिले में घटी, जहां पांच पाकिस्तानी जवानों ने कथित रूप से आत्मसमर्पण कर दिया. हालांकि, पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
पाकिस्तान का जवाबी हमला
इस हमले के बाद पाकिस्तान ने भारी सैन्य प्रतिक्रिया दी. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने टैंकों, तोपों और हवाई हमलों के जरिए अफगान चौकियों को निशाना बनाया. पाकिस्तान के सरकारी चैनल और समर्थक मीडिया संस्थानों ने दावा किया कि अफगानिस्तान की कई सैन्य चौकियों को ध्वस्त कर दिया गया है और दर्जनों अफगान सैनिक मारे गए हैं.
हालांकि, अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान के इन दावों को गलत बताया और कहा कि हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया गया है.
तालिबान नेतृत्व की प्रतिक्रिया
इस बीच, तालिबान प्रमुख हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने अपने सुरक्षा बलों से चौकन्ना रहने और सीमा पर गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए. रेडियो संबोधन में उन्होंने अपने लड़ाकों से कहा कि वे रात के समय भी गश्त में भाग लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी सीधे कमांड को दें.
पाकिस्तान का रुख और नकवी का बयान
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इस घटना को ‘अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन’ बताया है. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर युद्ध अपराध कर रहा है. नकवी ने कहा कि पाकिस्तान की सेना ने तुरंत और प्रभावी जवाबी कार्रवाई की है, जो दिखाता है कि देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है.
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान किसी भी हमले का जवाब ‘पत्थर के बदले पत्थर’ से देगा. नकवी ने इशारों में कहा कि अफगानिस्तान में जो हिंसा भड़काई जा रही है, उसमें ‘बाहरी हाथ’ भी शामिल हैं, और उनका इशारा भारत की ओर माना गया. हालांकि, उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया.
सऊदी अरब और कतर ने जताई चिंता
घटनाक्रम को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता की लहर दौड़ गई है. सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों से संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान खोजने की अपील की है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए शांति बेहद जरूरी है.
इसी तरह कतर ने भी दोनों देशों से तनाव कम करने और कूटनीतिक माध्यमों से मसले को हल करने की अपील की है. कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि शांति और स्थिरता की राह संयम और वार्ता से ही निकल सकती है.
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