अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी की हालिया भारत यात्रा के बाद पाकिस्तान की प्रतिक्रिया काफी तीखी और नाखुश नजर आ रही है. मुत्तकी के भारत पहुंचने के कुछ ही समय बाद पाकिस्तान ने काबुल में हवाई हमला किया था, जिससे तनाव और बढ़ गया. अब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान के खिलाफ कड़ी भाषा का इस्तेमाल करते हुए अफगानों को ‘एहसान फरामोश’ तक कह दिया है.
ख्वाजा आसिफ ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि अफगानिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा दुश्मन है. उन्होंने अफगान नागरिकों को लेकर आरोप लगाए कि जो लोग पाकिस्तान में रह रहे हैं, वे “पाकिस्तान जिंदाबाद” का नारा नहीं लगाते और अपने हितों के लिए काम करते हैं. आसिफ ने यह भी कहा कि कई अफगानी लोग पाकिस्तान में पासपोर्ट लेकर कारोबारी और ठेकेदार बन चुके हैं, जबकि उनके परिवार काबुल में शासन चला रहे हैं और कराची में प्रॉपर्टी भी रखते हैं.
अफगान नेताओं और भारत के साथ रिश्ते
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने अफगान नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि उनके परिवार पाकिस्तान में रहते हुए भी वे देश के खिलाफ बयान देते हैं और हिंदुस्तान के साथ मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ काम करते हैं. उन्होंने यह जताया कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के लिए कई सालों तक मेहमानदारी और मदद की, लेकिन अब अफगानिस्तान पाकिस्तान को पहचानने वाला आखिरी देश भी नहीं रह गया.
अफगान नागरिकों को देश से निकालने का समर्थन
ख्वाजा आसिफ ने यह भी साफ किया कि पाकिस्तान में रह रहे अफगान नागरिकों को अब वापस उनके देश भेज देना चाहिए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने उन्हें बहुत मेहमानदारी दी है और अब समय आ गया है कि वे अपने घर लौटें. इस दौरान उनकी नाराजगी और तिलमिलाहट साफ झलक रही थी.
तालिबान और आतंकवाद के आरोप
इससे पहले पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में भी ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान को पाकिस्तान का दुश्मन नंबर 1 बताया और अफगान तालिबान को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब अफगानिस्तान की जमीन से आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि अफगान तालिबान के सदस्य पाकिस्तान के अंदर सक्रिय आतंकवादी समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की मदद कर रहे हैं.
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