Amrit Mandal Mob Violence Bangladesh: बांग्लादेश में हिंसा और आगजनी की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं. हाल के दिनों में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाए जाने के आरोपों के बीच एक और गंभीर मामला सामने आया है. दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद अब 29 वर्षीय अमृत मंडल उर्फ सम्राट की भी भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की खबर है. यह घटना राजबाड़ी जिले की बताई जा रही है, जिसकी पुष्टि स्थानीय पुलिस ने की है.
पांग्शा मॉडल पुलिस स्टेशन के अनुसार, अमृत मंडल पर स्थानीय लोगों ने जबरन वसूली के आरोप लगाए थे. इसी दौरान मामला हिंसक हो गया और कथित तौर पर भीड़ ने उनकी जान ले ली. पुलिस रिकॉर्ड में अमृत मंडल का नाम एक स्थानीय गिरोह से जुड़े व्यक्ति के रूप में दर्ज है. इस गिरोह को ‘सम्राट वाहिनी’ कहा जाता है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
MRIT AFTER DEEPU. Another mob lynching in Bangladesh and yet another Hindu life lost. Amrit Mandal (29) was beaten to death by a mob in Rajbari’s Pangsha area, barely days after Dipu Chandra Das. Allegations were made, no trial held. The Islamist mob is judge, jury, executioner. pic.twitter.com/cTYSWOne6t
— Kushal Kumar (@KushalVakati) December 25, 2025
राउजान इलाके में हिंदू परिवारों के घरों में आगजनी
इसी बीच, चटगांव के पास स्थित राउजान इलाके से भी तनावपूर्ण खबरें सामने आई हैं. मंगलवार को वहां एक हिंदू परिवार के घर को आग के हवाले कर दिया गया.
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले पांच दिनों में इस इलाके में सात हिंदू परिवारों के घरों में आगजनी की घटनाएं हुई हैं. पुलिस ने इन मामलों में अब तक पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है.
मयमनसिंह की घटना ने पहले ही मचाया था आक्रोश
गौरतलब है कि बीते हफ्ते मयमनसिंह शहर में 28 वर्षीय हिंदू फैक्ट्री कर्मचारी दीपू चंद्र दास की भी भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी. उन पर कथित तौर पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था.
इस घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे. अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने तब बयान दिया था कि सरकार मृतक की पत्नी, छोटे बच्चे और माता-पिता की जिम्मेदारी उठाएगी. इस मामले में पुलिस अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.
हिंसा और आगजनी से डरा माहौल
हालिया घटनाओं ने बांग्लादेश में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है. 12 दिसंबर को ढाका में इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी को गोली मारी गई थी. बाद में सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. उसी शाम भीड़ ने डेली स्टार और प्रथम आलो के दफ्तरों में आगजनी की. इसके अलावा, सांस्कृतिक संगठनों छायानट और उदिची शिल्पी गोष्ठी के कार्यालयों को भी नुकसान पहुंचाया गया.
सरकार और मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया
यूनुस के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आरोपों या अफवाहों के आधार पर हिंसा को किसी भी हाल में जायज नहीं ठहराया जा सकता. वहीं, मानवाधिकार संगठन ऐन ओ सलीश केंद्र के अनुसार, 2025 में अब तक बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं में 184 लोगों की मौत हो चुकी है.
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