Donald Trump First Reaction On zohran Mamdani: न्यूयॉर्क मेयर चुनाव में जोहरान ममदानी की जीत के बाद अमेरिका की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस परिणाम के बाद अपना पहला रिएक्शन दिया है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी चुनाव प्रणाली पर ही सवाल उठा दिए. ट्रंप ने कहा कि अब समय आ गया है कि इलेक्शन सिस्टम में बड़े सुधार किए जाएं ताकि वोटिंग पारदर्शी और सुरक्षित हो सके.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “वोटर रिफॉर्म लाओ, वोटर आईडी अनिवार्य करो और मेल-इन बैलट्स पर रोक लगाओ. सुप्रीम कोर्ट को पैकिंग से बचाओ और दो नए राज्यों की योजना को भी रोकना ज़रूरी है. फिलिबस्टर को खत्म करो!”
“वोटिंग में पारदर्शिता जरूरी”
ट्रंप का कहना है कि अमेरिका में जब रोजमर्रा के कामों, जैसे किराने की दुकान, पेट्रोल पंप या सरकारी दफ्तर, में पहचान पत्र (ID) दिखाना जरूरी है, तो फिर मतदान के लिए वोटर आईडी क्यों नहीं?
उनका तर्क है कि डेमोक्रेटिक पार्टी वोटर आईडी का विरोध इसलिए करती है ताकि चुनाव प्रक्रिया में "धांधली" की गुंजाइश बनी रहे. उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी से भी अपील की कि वे चुनाव सुधार बिल लाने के लिए सीनेट में मौजूद फिलिबस्टर सिस्टम को खत्म करने पर विचार करें, ताकि सुधारों को रोका न जा सके.
“यह राजनीतिक बयानबाज़ी”
डेमोक्रेटिक पार्टी ने ट्रंप के आरोपों को पूरी तरह राजनीतिक करार दिया है. पार्टी का कहना है कि वोटर आईडी की अनिवार्यता गरीब, अश्वेत और प्रवासी नागरिकों के मतदान अधिकारों को सीमित कर देगी. उनका तर्क है कि पहचान पत्र न होने की वजह से कई नागरिक वोट देने से वंचित रह सकते हैं.
ट्रंप ने हार के कारण भी बताए
ममदानी की जीत के बाद ट्रंप ने कहा कि शटडाउन (सरकारी कामकाज ठप होने) का असर इस चुनाव पर साफ दिखा. रिपब्लिकन सीनेटरों के साथ नाश्ते के दौरान उन्होंने कहा, “कल रात जीत की उम्मीद नहीं थी. यह रिपब्लिकन के लिए अच्छा नहीं रहा. लेकिन हमने बहुत कुछ सीखा. पोल्स बताते हैं कि शटडाउन का असर चुनाव पर पड़ा और यही सबसे बड़ा कारण रहा.”
ट्रंप ने यह भी कहा कि ठीक एक साल पहले रिपब्लिकन को “बड़ी और खूबसूरत जीत” मिली थी, लेकिन अब ज़रूरत है कि पार्टी यह समझे कि पिछली रात के नतीजे का क्या मतलब है और आगे की रणनीति क्या होनी चाहिए.
राजनीतिक हलचल तेज़
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में हलचल मच गई है. जहां रिपब्लिकन समर्थक ट्रंप के साथ खड़े दिख रहे हैं, वहीं डेमोक्रेट्स का कहना है कि यह बयान चुनावी हार को सही ठहराने की कोशिश है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ट्रंप के दबाव में सीनेट वोटर रिफॉर्म पर कोई कदम उठाती है या नहीं.
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