नई दिल्ली: भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत मंगलवार रात को बहावलपुर, मुरीदके, कोटली, बाघ और मुजफ्फराबाद में किए गए लक्षित हमलों के बाद दुनिया के कई देशों ने इस घटनाक्रम पर अपनी राय स्पष्ट की है.
भारत के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य आतंकवादी समूहों के उन अड्डों को खत्म करना था जो लगातार सीमा पार से हमलों में संलिप्त रहे हैं. वहीं पाकिस्तान ने इन हमलों में 26 लोगों की मौत की पुष्टि की है और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है.
चीन की प्रतिक्रिया
चीन के विदेश मंत्रालय ने भारत की सैन्य कार्रवाई पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि "यह दुर्भाग्यपूर्ण है और स्थिति को लेकर हम चिंतित हैं." मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने यह भी कहा कि चीन आतंकवाद के खिलाफ है, लेकिन भारत और पाकिस्तान दोनों को संयम बरतने और बातचीत को प्राथमिकता देने की जरूरत है.
बीजिंग ने यह संकेत भी दिया कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर दक्षिण एशिया में तनाव कम करने के प्रयासों को समर्थन देने को तैयार है.
तुर्किये की प्रतिक्रिया
तुर्किये ने इस हमले को पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया. अंकारा में विदेश मंत्री हकान फिदान और पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार के बीच हुई बातचीत में तुर्की ने “राजनयिक और नैतिक समर्थन” दोहराया.
तुर्किये का आधिकारिक रुख रहा है कि कश्मीर मुद्दे का समाधान संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों और कश्मीरी जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए.
इज़राइल ने दिया भारत का खुला समर्थन
भारत में इज़राइल के राजदूत रूवेन अजार ने भारत की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा, "भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है." उन्होंने यह भी कहा कि आतंकी संगठनों को यह समझना चाहिए कि वे मासूम नागरिकों के खिलाफ हमलों के बाद कहीं भी सुरक्षित नहीं रह सकते.
इज़राइल का यह समर्थन आतंकवाद के खिलाफ उसकी वैश्विक नीति की दिशा में एक बार फिर स्पष्ट संकेत देता है.
UAE और कतर ने की संयम की अपील
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने क्षेत्रीय स्थिरता की आवश्यकता पर बल देते हुए भारत और पाकिस्तान दोनों से तनाव कम करने और संयम बरतने की अपील की. UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने स्पष्ट किया कि कूटनीति ही विवादों का स्थायी समाधान है.
वहीं, कतर ने एक संतुलित बयान में दोनों देशों से तनाव कम करने को कहा, जबकि कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत कर आतंकवाद के खिलाफ भारत को समर्थन देने की बात कही.
अमेरिका की सतर्क निगरानी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि अमेरिका स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है. उन्होंने शांति बहाली के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ राजनयिक बातचीत को ज़रूरी बताया.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे “लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष का एक दुखद हिस्सा” बताते हुए उम्मीद जताई कि यह संघर्ष जल्द थम जाएगा.
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने कहा, “हम भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को लेकर चिंतित हैं और दोनों देशों से अधिकतम संयम बरतने की अपील करते हैं.” उन्होंने सैन्य कार्रवाइयों से बचने और संवाद को प्राथमिकता देने की बात कही.
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
इस्लामाबाद ने नई दिल्ली स्थित भारतीय चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर आधिकारिक विरोध जताया. पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि इन हमलों में नागरिकों की जान गई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. पाकिस्तान ने इसे “खुले तौर पर आक्रामक और खतरनाक हरकत” करार दिया और इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बताया.
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