आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जब भरोसे का संकट गहराता जा रहा है, तब कुछ ऐसे लोग सामने आते हैं जो दिल जीत लेते हैं. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही मामला वायरल हो रहा है, जिसमें एक रैपिडो ड्राइवर ने न सिर्फ समय पर सेवा दी, बल्कि ईमानदारी की ऐसी मिसाल कायम की जिसे जानकर हर कोई उसका फैन हो गया. वहीं दूसरी ओर, एक और किस्सा सामने आया है जो बताता है कि भरोसे का गलत इस्तेमाल कैसे एक बड़ा नुकसान बन सकता है.
रैपिडो राइडर बना संकट का साथी
दिल्ली में रहने वाले एक स्टूडेंट की कहानी इन दिनों Reddit पर छाई हुई है. r/CUETards नाम के फोरम पर ‘@daddyahir’ नाम के यूजर ने एक पोस्ट डाली जिसका टाइटल था . "मैंने अपनी सारी ज्वेलरी और फोन रैपिडो ड्राइवर को दे दिए". यूजर के मुताबिक, वह सुबह 7:45 बजे उठा, जबकि उसका एग्जाम 8:30 बजे पश्चिम दिल्ली में था और वह साउथ दिल्ली में रहता था. टाइम कम था, रास्ता लंबा था मगर रैपिडो बुक कर ली गई.
gave all my jewellery and phone to the rapido driver
byu/daddyahir inCUETards
ड्राइवर का नाम था आलोक, जिसने छात्र को समय से पहले सेंटर पर पहुंचा दिया. लेकिन परीक्षा केंद्र में मोबाइल और ज्वैलरी लेकर अंदर जाना मना था, और लॉकर में रखने का समय भी नहीं था. ऐसे में उस छात्र ने अपनी गोल्ड चैन, अंगूठी, इयररिंग्स और फोन आलोक को थमा दिए और कहा, “भैया, इंतजार कीजिए.”
इंतजार करता रहा राइडर
आलोक न केवल इंतजार करते रहे, बल्कि छात्र को परीक्षा के बाद सारी चीजें सकुशल वापस भी लौटा दीं. पोस्ट के अंत में यूजर ने लिखा – “I Love You Bhaiya”. उसने यह भी स्पष्ट किया कि वह लड़का है, क्योंकि ज्वेलरी की बात सुनकर कई लोग उसे लड़की समझ बैठे थे. वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट, लोग बोले – आलोक भैया को सलाम. इस पोस्ट को अब तक 2,500 से ज़्यादा अपवोट्स और 120 कमेंट्स मिल चुके हैं. कमेंट सेक्शन में लोग एक सुर में आलोक भैया की ईमानदारी और संवेदनशीलता की तारीफ कर रहे हैं.
कई यूजर्स ने किया रिएक्ट
एक यूजर ने लिखा, आलोक भैया जैसे लोग समाज की रीढ़ हैं, क्या हम सब मिलकर इनके लिए कुछ कर सकते हैं? वहीं एक अन्य यूजर ने सुझाव दिया कि “इस पोस्ट को X (पूर्व ट्विटर) पर टैग करके रैपिडो को बताना चाहिए ताकि आलोक को सम्मान मिल सके.
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