अमेरिका ने ड्रग ले जा रही बोट पर फिर किया हवाई हमला, ट्रंप ने दिया था आदेश, सेना ने जारी किया VIDEO

अमेरिका ने शनिवार को पूर्वी प्रशांत महासागर में एक ड्रग तस्करी कर रही नाव पर हवाई हमला किया, जिसमें तीन लोगों के मारे जाने की जानकारी मिली है. अमेरिकी सेना ने रविवार को इस हमले की पुष्टि की.

America again carried out air attack on a boat carrying drugs
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वॉशिंगटन: अमेरिका ने शनिवार को पूर्वी प्रशांत महासागर में एक ड्रग तस्करी कर रही नाव पर हवाई हमला किया, जिसमें तीन लोगों के मारे जाने की जानकारी मिली है. अमेरिकी सेना ने रविवार को इस हमले की पुष्टि की. यह अभियान सितंबर की शुरुआत से अब तक ड्रग तस्करी करने वाली नावों पर अमेरिका का 21वां हवाई हमला है.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर किए जा रहे हैं. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन ऑपरेशनों का उद्देश्य अमेरिका में ड्रग्स की आपूर्ति रोकना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग तस्करी नेटवर्क को कमजोर करना है.

हमले का विवरण और वीडियो जारी

अमेरिकी दक्षिणी कमान ने हमले का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया. वीडियो में नाव पर विस्फोट और आग लगने की घटनाएँ दिखाई गई हैं. हमला इतनी तीव्रता का था कि नाव के बड़े हिस्से उड़ गए.

अमेरिकी सेना ने अभी तक मारे गए लोगों की राष्ट्रीयता या पहचान सार्वजनिक नहीं की है. अधिकारियों ने कहा कि हमले में शामिल अमेरिकी सैनिकों को न्याय विभाग ने मुकदमे से छूट देने की अनुमति दी है, ताकि उन्हें कानूनी कार्रवाई का डर न रहे.

पिछले हवाई हमलों का रिकॉर्ड

यह हमला पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका द्वारा किए गए कई हमलों का हिस्सा है. 10 नवंबर को भी अमेरिका ने पूर्वी प्रशांत महासागर में दो संदिग्ध नावों पर हवाई हमला किया था, जिसमें छह लोग मारे गए थे. अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि इन नावों पर ड्रग्स ले जाए जा रहे थे और ये आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे.

ट्रंप प्रशासन की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी सेना ने उनके आदेश पर ड्रग कार्टेल और नार्को-टेररिस्ट समूहों पर स्ट्राइक की, जो वेनेजुएला से नशीले पदार्थ अमेरिका में भेज रहे थे. प्रशासन का कहना है कि ऐसे हमले अमेरिका में ड्रग्स की समस्या को रोकने के लिए आवश्यक हैं.

अमेरिकी कांग्रेस, मानवाधिकार संगठन और कुछ सहयोगी देशों ने इन हवाई हमलों की वैधता पर सवाल उठाए हैं. उनका तर्क है कि युद्ध क्षेत्र से बाहर की गई सैन्य कार्रवाई का कानूनी आधार स्पष्ट नहीं है.

हालांकि, ट्रंप प्रशासन का दावा है कि उसके पास पूरी कानूनी अधिकारिता है. अमेरिकी अधिकारियों ने वेनेजुएला की ‘कार्टेल डे लोस सोल्स’ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है. इससे अमेरिका में इस समूह को किसी भी तरह की मदद देने वाले व्यक्ति को अपराधी माना जाएगा.

वेनेजुएला के कार्टेल और ट्रंप प्रशासन के आरोप

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्टेल ‘ट्रेन डे अरागुआ’ नामक अपराधी समूह के साथ मिलकर अमेरिका में नशीले पदार्थ भेजता है. ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो इस नेटवर्क के संचालन में शामिल हैं. मादुरो और उनकी सरकार ने हमेशा इन आरोपों का खंडन किया है.

अमेरिका वर्तमान में मादुरो सरकार के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहा है. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों का ध्यान रखते हुए कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह सुनिश्चित करना है कि ड्रग्स की आपूर्ति रोकने के लिए कार्टेल नेटवर्क को कमजोर किया जा सके.

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