अमेरिका की सिटिजनशिप ऐंड इमिग्रेशन सर्विस (USCIS) ने हाल ही में H-1B वीजा धारकों के लिए एक अहम फैसला लिया है. USCIS ने स्पष्ट किया है कि जिनके पास पहले से H-1B वीजा है, उन्हें केवल वीजा का स्टेटस बदलवाने या रिन्यू कराने के लिए 1 लाख डॉलर का शुल्क नहीं देना होगा. यह निर्णय उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो अपने वीजा मामलों में वित्तीय बोझ से बचना चाहते हैं.
20 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा के लिए 1 लाख डॉलर की फीस लागू करने की घोषणा की थी. इसके बाद 21 सितंबर से नए H-1B वीजा आवेदनकर्ताओं को यह भारी शुल्क देना पड़ रहा है. हालांकि, USCIS ने यह भी साफ किया था कि यह फीस केवल नए आवेदनकर्ताओं पर ही लागू होगी, न कि पहले से वीजा रखने वालों पर.
नई गाइडलाइंस में फीस से मिली छूट
USCIS ने सोमवार को एक नई गाइडलाइन जारी की, जिसमें दोबारा पुष्टि की गई कि पहले से H-1B वीजा रखने वाले व्यक्तियों को स्टेटस बदलवाने या रिन्यू कराने के लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा. इसके अलावा, जिन लोगों ने 21 सितंबर से पहले ही वीजा के लिए आवेदन किया था, उन्हें भी इस फीस से छूट दी जाएगी.
F-1 और L-1 वीजा होल्डर्स को भी राहत
नई गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि जिन अंतरराष्ट्रीय छात्रों के पास F-1 वीजा है और जो पेशेवर L-1 वीजा पर हैं, उन्हें H-1B वीजा में स्टेटस चेंज कराने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा.
एक्सपायर वीजा वालों को भी मिलेगा फायदा
अगर किसी का F-1 या L-1 वीजा एक्सपायर हो चुका है और वह अमेरिका छोड़ चुका है, तो उसे H-1B वीजा के लिए नए आवेदन या रिन्यू के दौरान फीस नहीं देनी होगी. यह फैसला अमेरिका में काम या पढ़ाई करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा.
वित्तीय बोझ और वीजा प्रोसेसिंग में आसानी
इस फैसले से न केवल विदेशी वीजा धारकों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि उनके वीजा संबंधी प्रक्रियाओं में भी सरलता आएगी. USCIS की यह गाइडलाइन विदेशियों के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो अमेरिका में उनके अध्ययन और रोजगार के अवसरों को आसान बनाएगी.
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