Golden Fleet: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी में ही नहीं, बल्कि नौसैनिक शक्ति के मामले में भी बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं. उनकी अगली महत्वाकांक्षा है ‘गोल्डन फ्लीट’, एक आधुनिक और अत्यधिक सक्षम नौसैनिक बेड़ा, जिसका मकसद चीन की बढ़ती सैन्य ताकत का मुकाबला करना है.
वर्तमान अमेरिकी नौसेना के कई युद्धपोत पुराने और कमजोर माने जाते हैं. ट्रंप की योजना इन पुराने जहाजों को हटाकर अत्याधुनिक जहाजों से लैस एक बेड़े की रचना करने की है. गोल्डन फ्लीट के जहाज लंबी दूरी की मिसाइलों से सुसज्जित होंगे, ताकि वे चीन के मॉडर्न वॉरशिप और किसी भी संभावित खतरे का सामना कर सकें. हडसन इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ फेलो ब्रायन क्लार्क के अनुसार, यह बेड़ा भविष्य की नौसेना का प्रतीक होगा.
नए युद्धपोतों का निर्माण
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन और व्हाइट हाउस 15,000 से 20,000 टन के नए युद्धपोत बनाने पर विचार कर रहे हैं. ये जहाज भारी कवच और हाइपरसोनिक मिसाइलों से लैस होंगे. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने कहा कि इस योजना के बारे में जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी और इसे अमेरिका की समुद्री शक्ति बढ़ाने का हिस्सा बताया जाएगा.
रणनीतिक मजबूती और वैश्विक प्रभाव
गोल्डन फ्लीट सिर्फ तकनीकी नवाचार नहीं है, बल्कि अमेरिका की समुद्री प्रभुत्व रणनीति का हिस्सा भी है. इसके लागू होने से अमेरिकी नौसेना की ताकत और रणनीतिक क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी, खासकर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती शक्ति के संदर्भ में.
ट्रंप की जहाजों को लेकर सख्त सोच
ट्रंप लंबे समय से नौसेना के युद्धपोतों की डिजाइन और क्षमता को लेकर बेहद सजग रहे हैं. उनके पूर्व सचिव मार्क एस्पर के अनुसार, ट्रंप अक्सर कहते थे कि जहाज दिखावे के लिए नहीं, बल्कि लड़ाई के लिए बने होने चाहिए. नौसेना सचिव जॉन फेलन ने भी बताया कि ट्रंप कई बार रात में जहाजों की स्थिति की जानकारी टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से लेते थे. वहीं, रिटायर्ड नेवी अफसर मार्क मोंटगोमेरी का कहना है कि पहले मौजूदा जहाजों की मरम्मत और रखरखाव पर ध्यान देना अधिक जरूरी है, न कि केवल नए जहाज बनाने पर.
यह भी पढ़ें- दुनिया के 5 सबसे फास्ट चार्जिंग वाले स्मार्टफोन, पलक झपकते ही 0 से 100 पर्सेंट चार्ज हो जाती बैटरी