अमेरिका का वो "खामोश हथियार", जिसने कई देशों में करवाए तख्तापलट; जानें कैसे करता है काम

CIA Work: दुनिया में जब भी किसी लोकतांत्रिक सरकार का तख्तापलट होता है या कोई अस्थिरता अचानक पनपती है, तो अक्सर पर्दे के पीछे एक ही नाम उभरता है, CIA. अब एक बार फिर यह चर्चित नाम वैश्विक सुर्खियों में है.

America silent weapon CIA which has orchestrated coups in many countries learn how it works
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CIA Work: दुनिया में जब भी किसी लोकतांत्रिक सरकार का तख्तापलट होता है या कोई अस्थिरता अचानक पनपती है, तो अक्सर पर्दे के पीछे एक ही नाम उभरता है, CIA. अब एक बार फिर यह चर्चित नाम वैश्विक सुर्खियों में है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि वेनेजुएला में CIA को ऑपरेशन की अनुमति दी गई है. यह वही देश है जिसे अमेरिका लंबे समय से 'गैरअनुकूल' शासन के रूप में देखता आया है.

इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि जब भी अमेरिका किसी देश में 'लोकतंत्र बहाली' की बात करता है, तो असल में वहां की संप्रभुता, अर्थव्यवस्था और सत्ता ढांचा पूरी तरह हिल जाता है. और इस रणनीति की कमान संभालती है, Central Intelligence Agency (CIA).

CIA: एक खुफिया एजेंसी या तख्तापलट की फैक्ट्री?

1947 में स्थापित इस एजेंसी का उद्देश्य शुरू में केवल अमेरिका के लिए वैश्विक खुफिया जानकारी इकट्ठा करना था. लेकिन बीते 77 वर्षों में यह संगठन सीधे तख्तापलट, हत्याओं, साज़िशों और मीडिया युद्धों का संचालन करता आया है. खुद इसके पूर्व प्रमुख माइक पोम्पियो ने कहा था, “हमने झूठ बोला, धोखा दिया, चोरी की और इसके लिए बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती थी.”

CIA की पांच "सुनियोजित रणनीतियाँ" जिनसे सरकारें गिराई जाती हैं:

1. विरोधियों को पैसा देकर सत्ता पलटना

CIA की सबसे पुरानी चाल है, पैसे से विपक्षी दलों, प्रेस और समूहों को ताकत देना.

चिली (1973): राष्ट्रपति साल्वाडोर अलेंदे की सरकार को गिराने के लिए CIA ने मीडिया और व्यापारिक समूहों को भारी फंडिंग दी.

बांग्लादेश (2024-2025): हालिया छात्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों में विदेशी फंडिंग की आशंका सामने आई है.

2. प्रोपेगेंडा और दुष्प्रचार की जंग

फर्जी खबरें, ट्रोल अकाउंट्स और सोशल मीडिया हैशटैग, आज की CIA के हथियार हैं.

ईरान (1953): प्रधानमंत्री मोहम्मद मोसादेग के खिलाफ ‘ऑपरेशन अजाक्स’ चलाया गया, जिससे उनका तख्तापलट हुआ.

3. सेना के भीतर पैठ बनाना

देश की सेना के अंदर गुप्त रूप से समर्थन जुटाकर CIA सैन्य तख्तापलट की नींव रखती है.

ग्वाटेमाला (1954): अमेरिकी कंपनी के हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रपति जैकोबो आर्बेंज को सत्ता से हटाया गया.

पाकिस्तान: अमेरिकी ट्रेनिंग प्राप्त जनरलों की लिस्ट लंबी है, जिनकी मदद से कई बार सत्ता पलटी गई.

4. टारगेटेड हत्याएं

  • CIA ने कई बार विदेशी नेताओं की हत्या की साज़िशें रचीं, जिनमें से कई सफल भी रहीं.
  • फिदेल कास्त्रो को मारने के लिए 8 बार कोशिश की गई.
  • कांगो के लुमुम्बा, वियतनाम के दीएम और इंडोनेशिया के सुकर्णो भी टारगेट बने.

5. जब बाकी सब फेल हो जाए, तो सेना भेज दो

अगर तख्तापलट या प्रोपेगेंडा न चले, तो अमेरिका सीधा सैन्य हमला करता है.

इराक (2003): झूठे आरोप लगाकर अमेरिका ने हमला किया और सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाकर फांसी दी.

लीबिया (2011) और अफगानिस्तान (2001-2021) में भी ऐसा ही हुआ.

अब वेनेजुएला की बारी?

डोनाल्ड ट्रंप का वेनेजुएला को लेकर ताजा बयान, जिसमें उन्होंने CIA ऑपरेशन की पुष्टि की है, संकेत देता है कि अब अमेरिका एक और शासन परिवर्तन की दिशा में बढ़ चुका है. वेनेजुएला का तेल भंडार, रूस और चीन के साथ बढ़ती नजदीकियां, ये सभी वजहें हैं कि अमेरिका इस सरकार से नाखुश है.

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