अमेरिका में दिखाई गई PM मोदी और पुतिन की कार वाली तस्वीर, ट्रंप को कोसने लगी सांसद; जानें क्यों

अमेरिकी कांग्रेस का माहौल उस समय गर्म हो गया जब एक महिला सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कार में बैठी तस्वीर लहराई. दिल्ली में क्लिक हुई इस फोटो को आधार बनाकर सांसद कामलागर-डोव ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति पर कड़ा प्रहार किया है.

American senat shows poster image of putin and modi take a jibe on trump
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अमेरिकी कांग्रेस का माहौल उस समय गर्म हो गया जब एक महिला सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कार में बैठी तस्वीर लहराई. दिल्ली में क्लिक हुई इस फोटो को आधार बनाकर सांसद कामलागर-डोव ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति पर कड़ा प्रहार किया है. उनका कहना है कि यह तस्वीर सिर्फ एक पल नहीं, बल्कि अमेरिका की कमजोर होती कूटनीतिक पकड़ का संकेत है.

डेमोक्रेट सांसद कामलागर-डोव ने दावा किया कि भारत लंबे समय से अमेरिका का मजबूत साझेदार रहा है, लेकिन ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीति ने नई दिल्ली को मॉस्को के और करीब धकेल दिया है. उन्होंने कहा कि पुतिन का भारत आना और वहां से समर्थन हासिल करना इस बात का सबूत है कि अमेरिका अपनी रणनीतिक बढ़त खो रहा है. सांसद ने यह कहते हुए चेतावनी दी कि इस तस्वीर को देखकर अमेरिकी सरकार को चिंतित होना चाहिए, क्योंकि यह संकेत देता है कि वैश्विक शक्तियां अमेरिका से दूरी बनाकर नए गठबंधन तलाश रही हैं.

तस्वीर के पीछे की कहानी

4 दिसंबर को व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे थे. प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद पालम एयरपोर्ट जाकर उनका स्वागत किया. इसके बाद दोनों नेता एक ही कार में 7 लोक कल्याण मार्ग, पीएम आवास की ओर रवाना हुए. इसी दौरान खिंची वह तस्वीर दुनिया भर में वायरल हुई, जिसे अब अमेरिकी संसद में बहस का केंद्र बना दिया गया है. कामलागर-डोव के मुताबिक, “यह एक तस्वीर नहीं, एक संदेश है… और यह संदेश अमेरिका के लिए सुखद नहीं है.”

ट्रंप की विदेश नीति पर खुला वार

सांसद कामलागर-डोव यहीं नहीं रुकीं. उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन अपने सहयोगियों को दूर कर रहा है और इस तरह वह नोबेल शांति पुरस्कार नहीं जीत सकता. उनका कहना था, आप अपने दोस्तों को विरोधियों की ओर धकेलकर इतिहास में जगह नहीं बना सकते. अगर ट्रंप ने अपनी नीतियां नहीं बदलीं, तो उन्हें उस राष्ट्रपति के तौर पर याद किया जाएगा जिसने भारत को खो दिया. बहस के दौरान अन्य सांसदों ने भी यही स्वर अपनाया. एक सदस्य ने कहा कि ट्रंप सरकार ने भारत पर चीन से भी ज्यादा टैरिफ लगा दिए हैं, जिससे यह समझना मुश्किल हो गया है कि अमेरिका किस दिशा में बढ़ रहा है.

कूटनीतिक समीकरणों पर बड़ा संकेत

अमेरिकी संसद में उठी यह चर्चा साफ दिखाती है कि मोदी–पुतिन की एक तस्वीर ने वॉशिंगटन में भी हलचल पैदा कर दी है. वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती भूमिका और बदलते समीकरण अब अंतरराष्ट्रीय बहसों का हिस्सा बनते जा रहे हैं.

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