भारत सरकार के "मेक इन इंडिया" और डिजिटल आत्मनिर्भरता के मिशन को बल देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विदेशी ईमेल प्लेटफॉर्म Gmail को छोड़कर भारतीय कंपनी Zoho Corporation की ईमेल सेवा Zoho Mail को अपनाने का फैसला किया है. इस बदलाव की घोषणा उन्होंने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के माध्यम से की.
अमित शाह ने अपने पोस्ट में अपनी नई आधिकारिक ईमेल आईडी amitshah.bjp@zoho.in साझा की और सभी से भविष्य में इसी पते का उपयोग करने की अपील की. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब पुरानी Gmail आईडी को बंद कर दिया गया है.
डिजिटल भारत की ओर एक और ठोस कदम
अमित शाह का यह निर्णय न सिर्फ एक तकनीकी बदलाव है, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संदेश भी है. यह कदम स्पष्ट करता है कि सरकार अब तकनीक के क्षेत्र में भी स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देना चाहती है. यह देश की साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत संकेत है.
Hello everyone,
— Amit Shah (@AmitShah) October 8, 2025
I have switched to Zoho Mail. Kindly note the change in my email address.
My new email address is amitshah.bjp @ https://t.co/32C314L8Ct. For future correspondence via mail, kindly use this address.
Thank you for your kind attention to this matter.
Zoho को मिला राष्ट्रीय नेतृत्व का समर्थन
गृह मंत्री के Zoho Mail को अपनाने के फैसले के बाद Zoho की ओर से भी प्रतिक्रिया आई. कंपनी के ऑफिसियल अकाउंट ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, भारतीय इनोवेशन को राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा अपनाया जाना अत्यंत प्रेरणादायक है. Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने भी इस निर्णय को अपनी इंजीनियरिंग टीम की मेहनत को समर्पित किया और इसे एक गौरवपूर्ण क्षण बताया.
Zoho Mail बनाम Gmail: कौन किसके लिए बेहतर?
ईमेल सेवाओं की बात करें तो Gmail और Zoho Mail दोनों ही विश्वसनीय विकल्प हैं. लेकिन उपयोगकर्ता की ज़रूरत, प्राथमिकताएं और इस्तेमाल का उद्देश्य तय करता है कि कौन-सी सेवा उनके लिए अधिक उपयुक्त है.
पहलू Zoho Mail Gmail
क्यों बढ़ रहा है Zoho का प्रभाव?
Zoho Corporation न केवल Zoho Mail जैसी सेवाएं प्रदान करता है, बल्कि इसमें Arattai नामक एक स्वदेशी इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप भी शामिल है, जिसे WhatsApp का भारतीय विकल्प माना जा रहा है. सरकार इन दोनों प्लेटफॉर्म्स को प्रमोट कर रही है ताकि आम नागरिकों और संस्थानों को स्वदेशी, सुरक्षित और विश्वसनीय विकल्प मिल सकें.
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