बिहार चुनाव में अमित शाह की एंट्री, डेहरी और बेगूसराय में कार्यकर्ताओं के साथ बनाएंगे रणनीति

Amit Shah Bihar Visit: बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्माने लगी है. विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और सियासी दलों की गतिविधियां तेज हो चुकी हैं. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी अपनी सियासी बिसात बिछाने की शुरुआत कर दी है.

Amit Shah enters Bihar elections will strategize with workers in Dehri and Begusarai
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Amit Shah Bihar Visit: बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्माने लगी है. विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और सियासी दलों की गतिविधियां तेज हो चुकी हैं. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी अपनी सियासी बिसात बिछाने की शुरुआत कर दी है. पार्टी के रणनीतिकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद अब बिहार की ज़मीन पर उतर चुके हैं, और यही संकेत है कि भाजपा अब ‘मिशन बिहार’ के मोड में आ चुकी है.

बुधवार शाम पटना पहुंचे अमित शाह, गुरुवार को वह रोहतास (डेहरी) और बेगूसराय में भाजपा कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे. इन बैठकों का मकसद न केवल विधानसभा चुनाव की तैयारी का जायजा लेना है, बल्कि सीटवार रणनीति, मतदाता वर्गों का विश्लेषण, और लोकल फीडबैक पर गहराई से चर्चा करना भी है. भाजपा ने बिहार को 5 प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित कर लिया है और अब हर क्षेत्र पर अलग-अलग रणनीति के तहत काम शुरू हो गया है. अमित शाह की इस यात्रा को पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है.

"चाणक्य" की मैदान में वापसी, विपक्ष के लिए चुनौती

राजनीतिक हलकों में अमित शाह को भाजपा का ‘चाणक्य’ कहा जाता है, और अब जबकि विपक्ष, खासकर महागठबंधन, बिहार में आक्रामक भूमिका में है, भाजपा ने भी अपने सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार को मैदान में उतार दिया है.

तेजस्वी यादव और राहुल गांधी जैसे नेता पहले से ही मैदान में हैं और सत्ता विरोधी माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. मगर भाजपा को भरोसा है कि शाह की रणनीति से न केवल मुकाबला किया जा सकता है, बल्कि कई कदम आगे भी जाया जा सकता है.

कौन-कौन होंगे शामिल? क्या होगी चर्चा?

डेहरी (रोहतास) बैठक में शामिल जिले:

रोहतास, कैमूर, आरा, बक्सर

पूर्वी व पश्चिमी गया, नवादा, जहानाबाद

अरवल, औरंगाबाद

इस बैठक में इन जिलों के सांसद, विधायक, विधान पार्षद, और भाजपा पदाधिकारी शामिल रहेंगे.

बेगूसराय बैठक में शामिल क्षेत्र:

पटना ग्रामीण, पटना महानगर, बाढ़

नालंदा, शेरपुरा, मुंगेर

जमुई, लखीसराय, खगड़िया, बेगूसराय

इस बैठक में सीटवार समीक्षा, संभावित प्रत्याशियों का नामांकन और स्थानीय मुद्दों पर रणनीति की चर्चा होगी.

हिंदू संतों से संवाद, वैचारिक मोर्चे पर भी तैयारी

राजनीतिक बैठकों के साथ-साथ अमित शाह धार्मिक और सांस्कृतिक मोर्चे पर भी भाजपा की पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं. वे पटना में आयोजित एक विशाल संत-समागम में शामिल होंगे, जिसमें 8,000 से 10,000 हिंदू साधु-संतों के भाग लेने की संभावना है. यह संवाद भाजपा के वैचारिक अभियान 'घर-घर संपर्क' का हिस्सा है, जो 18 से 25 सितंबर के बीच चलाया जाएगा.

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