लोकसभा में दो दिनों से चल रही चुनाव सुधारों से संबंधित बहस का समापन गृहमंत्री अमित शाह के विस्तृत वक्तव्य के साथ हुआ. अपने संबोधन में उन्होंने चुनाव सुधारों, मतदाता सूची, चुनाव आयोग की भूमिका और घुसपैठ के मुद्दे पर सरकार की नीति को स्पष्ट किया. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली.