Android यूज़र्स के लिए अलर्ट! Sturnus मैलवेयर कर सकता है बैंकिंग डिटेल्स और WhatsApp चैट की चोरी

साइबर दुनिया में हमेशा कुछ न कुछ नया खतरा सामने आता रहता है, और अब एक नया नाम सुर्खियों में है - Sturnus. यह एक नया एंड्रॉयड बैंकिंग ट्रोजन मालवेयर है, जो खासकर यूरोपीय यूज़र्स को टारगेट कर रहा है.

Android devices are vulnerable to a new Sturnus malware that targets banking apps
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साइबर दुनिया में हमेशा कुछ न कुछ नया खतरा सामने आता रहता है, और अब एक नया नाम सुर्खियों में है - Sturnus. यह एक नया एंड्रॉयड बैंकिंग ट्रोजन मालवेयर है, जो खासकर यूरोपीय यूज़र्स को टारगेट कर रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, Sturnus न सिर्फ यूज़र के बैंकिंग क्रेडेंशियल्स चुरा सकता है, बल्कि यह इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स जैसे WhatsApp, Telegram, और Signal की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड चैट्स को भी बिना एन्क्रिप्शन तोड़े पढ़ सकता है. ये खतरनाक मालवेयर यूज़र की संवेदनशील जानकारी की चोरी के साथ-साथ उनके फोन पर रिमोट एक्सेस भी हासिल कर सकता है, जिससे ये साइबर अपराधी किसी भी वक्त यूज़र की एक्टिविटी को ट्रैक कर सकते हैं.

Sturnus: एक खतरनाक बैंकिंग ट्रोजन

Sturnus के द्वारा यूज़र के बैंकिंग डिटेल्स की चोरी करने की प्रक्रिया बेहद खतरनाक है. यह मालवेयर यूज़र के फोन पर एक नकली लॉगिन पेज क्रिएट करता है, जिससे यूज़र को धोखा देकर अपनी बैंकिंग डिटेल्स को एंटर करने के लिए मजबूर किया जाता है. जैसे ही यूज़र लॉगिन करता है, उनका पूरा डेटा चुराया जाता है. इसके अलावा, यह ट्रोजन अटैकर्स को फोन का पूरा रिमोट एक्सेस देता है, जिससे वे यूज़र के फोन पर हो रही हर गतिविधि को मॉनिटर कर सकते हैं.

रिमोट एक्सेस और बैकग्राउंड में फ्रॉड ट्रांजैक्शन

Sturnus मालवेयर यूज़र की जानकारी चुराने के अलावा, अटैकर्स को फोन पर छेड़े बिना टेक्स्ट टाइप करने की क्षमता भी देता है. उदाहरण के लिए, अटैकर्स फोन की स्क्रीन को ब्लैंक कर सकते हैं और बैकग्राउंड में धोखाधड़ी से ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. यूज़र को इस प्रक्रिया का कोई भी अहसास नहीं होता, क्योंकि स्क्रीन पर कुछ दिखाई नहीं देता और पैसा चुपचाप ट्रांसफर हो जाता है.

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के बावजूद खतरा

Sturnus मालवेयर की सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेज को भी पढ़ सकता है, जो आमतौर पर बेहद सुरक्षित माने जाते हैं. यह ट्रोजन मैसेज को डिक्रिप्ट करने के लिए किसी प्रकार की की की जरूरत नहीं होती, बल्कि यह स्क्रीन कैप्चर करने के जरिए उन मैसेजेस को पढ़ सकता है, जो WhatsApp, Telegram और Signal पर भेजे गए हैं. जबकि ये तीनों ऐप्स एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का दावा करते हैं और कहते हैं कि वे यूज़र के मैसेजेस को एक्सेस नहीं कर सकते, लेकिन Sturnus इसका पालन नहीं करता और इसे bypass कर सकता है.

यूरोप में बढ़ रहा खतरा

फिलहाल, Sturnus का मुख्य निशाना साउथ और सेंट्रल यूरोप के यूज़र्स बन रहे हैं. हालांकि, रिसर्चर्स का मानना है कि यह अभी शुरुआत है और यह ट्रोजन मालवेयर अभी विकसित किया जा रहा है. अटैकर्स इसे और भी खतरनाक बनाने के लिए लगातार इसे टेस्ट और ट्यून कर रहे होंगे. वर्तमान में केवल कुछ ही यूज़र्स को इसके द्वारा अटैक किया गया है, लेकिन रिसर्चर्स का कहना है कि जल्द ही इस ट्रोजन का बड़ा हमला देखने को मिल सकता है.

Google की चुप्पी और सुरक्षा में कमी

चिंता की बात यह है कि Google ने अभी तक इस खतरे को खत्म करने के लिए कोई सिक्योरिटी अपडेट जारी नहीं किया है, जो Sturnus मालवेयर द्वारा उपयोग की जा रही कमजोरियों को ठीक कर सके. इसका मतलब है कि Android डिवाइस के यूज़र्स अभी भी इस मालवेयर से प्रभावित हो सकते हैं, खासकर अगर वे किसी संदिग्ध ऐप या लिंक पर क्लिक करते हैं.

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