UP News: प्रेम की मिसाल और विश्व धरोहर आगरा का ताजमहल अब और ज्यादा सुरक्षित होने जा रहा है. देश-विदेश से लाखों पर्यटकों को आकर्षित करने वाला यह ऐतिहासिक स्मारक जल्द ही तकनीकी सुरक्षा के एक नए युग में प्रवेश करने वाला है. ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए यहां जल्द ही अत्याधुनिक ड्रोन रोधी प्रणाली (Anti-Drone System) स्थापित की जाएगी.
क्यों आई यह जरूरत?
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में संभावित ड्रोन हमलों की आशंका बढ़ गई थी. उस दौरान पाकिस्तान की ओर से भारत में ड्रोन भेजने की कोशिशें की गई थीं, जिन्हें भारतीय सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया. इसी पृष्ठभूमि में अब ताजमहल जैसे संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र की हवाई सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है.
क्या होगा इस प्रणाली में खास?
ताज सुरक्षा के सहायक पुलिस आयुक्त सैयद अरीब अहमद ने जानकारी दी कि ताजमहल परिसर में जो ड्रोन रोधी प्रणाली लगाई जाएगी, वह करीब 7–8 किलोमीटर के दायरे में निगरानी कर सकेगी. हालांकि, यह प्रणाली विशेष रूप से ताजमहल के मुख्य गुंबद से 200 मीटर के दायरे में सबसे प्रभावशाली रूप से काम करेगी. इस तकनीक की खासियत यह है कि जैसे ही कोई अनधिकृत ड्रोन ताज के आसपास मंडराएगा, यह प्रणाली उस ड्रोन के सिग्नल को जाम कर देगी और उसे नीचे गिरा देगी.
क्या हैं तैयारियां?
इस प्रणाली के सफल संचालन के लिए पुलिस कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. साथ ही एक प्रतिक्रिया टीम (Response Team) का भी गठन किया जाएगा, जो न सिर्फ ड्रोन के उड़ान क्षेत्र को ट्रैक करेगी बल्कि गिरने की जगह तक जाकर आवश्यक कार्रवाई करेगी.
क्यों है यह इतना जरूरी?
ताजमहल न सिर्फ भारत की सांस्कृतिक धरोहर है, बल्कि यह एक ऐसा स्मारक है जहां हर दिन हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. ऐसे में इसकी सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक भारी पड़ सकती है. यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित यह स्मारक अब न सिर्फ जमीन से, बल्कि आसमान से भी सुरक्षित रहेगा.
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