भारत में डिजिटल प्राइवेसी को लेकर बढ़ती चिंताओं और स्वदेशी विकल्पों की मांग के बीच एक नया चैटिंग ऐप तेजी से लोकप्रिय हो रहा है — अरट्टाई (Arattai). चेन्नई स्थित Zoho कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित यह ऐप लोगों के बीच तेजी से अपनी पकड़ बना रहा है. तमिल भाषा में ‘अरट्टाई’ का अर्थ होता है गपशप, और यह नाम इसके उद्देश्य को बखूबी दर्शाता है — एक सहज, सुरक्षित और विज्ञापन-मुक्त चैटिंग अनुभव देना.
व्हाट्सएप की हालिया प्राइवेसी पॉलिसी विवाद के बाद यूजर्स ऐसे विकल्पों की तलाश में हैं, जो डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करें. अरट्टाई इसी जरूरत को पूरा करता हुआ सामने आया है. कंपनी का दावा है कि यह ऐप एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पर आधारित है और यूजर्स का सारा डेटा भारत में ही स्टोर होता है, जिससे यह यूजर्स को एक भरोसेमंद विकल्प प्रदान करता है.
सेलेब्रिटीज और नेताओं से मिल रहा समर्थन
इस ऐप को न सिर्फ टेक्नोलॉजी जगत में सराहा जा रहा है, बल्कि फिल्मी सितारे और खेल जगत की हस्तियां भी इसका समर्थन कर रहे हैं. धनुष जैसे तमिल फिल्म अभिनेता ने इसे व्यक्तिगत रूप से इस्तेमाल करने की बात कही है. म्यूजिक डायरेक्टर संतोष नारायणन ने भी अरट्टाई की सराहना की. भारतीय क्रिकेटर आर. अश्विन ने इसे भारतीयों के लिए बेहतरीन विकल्प बताया. सिर्फ मनोरंजन जगत ही नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव और धर्मेंद्र प्रधान जैसे नेताओं ने भी इस ऐप को इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की है.
तेजी से बढ़ रहा यूजर बेस
Zoho कॉर्पोरेशन के चीफ साइंटिस्ट श्रीधर वेंबू के अनुसार, अरट्टाई को भारत के लोगों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है. लॉन्च के शुरुआती दिनों में जहां रोजाना करीब 3,000 साइन-अप हो रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 3.5 लाख प्रति दिन हो गई है. कंपनी ने अचानक बढ़े यूजर ट्रैफिक को संभालने के लिए अपने सर्वर और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना शुरू कर दिया है.
अरट्टाई के प्रमुख फीचर्स
एड-फ्री इंटरफेस, यानी चैटिंग के दौरान कोई विज्ञापन नहीं. ग्रुप चैट, वॉइस कॉल, और वीडियो कॉल की सुविधा.ऐप पूरी तरह फ्री है, और भविष्य में इसमें और भी नए फीचर्स जोड़े जाने की योजना है.
क्या व्हाट्सएप को टक्कर दे पाएगा अरट्टाई?
हालांकि अरट्टाई ने शुरुआती दौर में ही अच्छा रिस्पॉन्स हासिल किया है, लेकिन व्हाट्सएप जैसे स्थापित और वैश्विक स्तर पर मौजूद प्लेटफॉर्म से मुकाबला करना आसान नहीं होगा. भारत में लोग देसी विकल्पों को पसंद जरूर करते हैं, लेकिन उन्हें टिकाऊ बनाना और भरोसा बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है. फिलहाल तो, ‘मेड इन इंडिया’ टैग और सेलेब्रिटी एंडोर्समेंट ने अरट्टाई को सुर्खियों में ला दिया है — अब देखना यह होगा कि क्या यह लोकप्रियता लंबे समय तक बरकरार रह पाती है या नहीं
यह भी पढ़ें: YouTube ने भारत में लॉन्च किया प्रीमियम लाइट वर्जन, एड-फ्री वीडियो देखना हुआ सस्ता, जानें कीमत