रीवा (मध्य प्रदेश): भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को अपने गृह ज़िले रीवा में आयोजित एक कार्यक्रम में देश की सुरक्षा, भविष्य के युद्धों की जटिलता और बदलते भू-राजनीतिक माहौल पर अपने विचार रखे.
उन्होंने इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों पर भी तंज कसते हुए कहा कि “शायद ट्रंप को खुद नहीं पता कि वो कल क्या करने वाले हैं.”
जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज की दुनिया तेजी से बदल रही है और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियाँ “अस्थिरता, अनिश्चितता, जटिलता और अस्पष्टता” से भरी होंगी. उन्होंने यह बात रीवा के टीआरएस कॉलेज में छात्रों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कही.
‘भविष्य की चुनौतियाँ जटिल और अप्रत्याशित’
अपने संबोधन में जनरल द्विवेदी ने कहा, "भविष्य की चुनौतियाँ अब पहले की तरह सरल नहीं रहीं. हम एक ऐसे युग में प्रवेश कर चुके हैं जहाँ परिवर्तन बहुत तेज़ी से हो रहे हैं. जब तक आप किसी पुरानी समस्या को समझने की कोशिश करते हैं, तब तक एक नई चुनौती सामने आ जाती है."
उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में पारंपरिक युद्ध के साथ-साथ साइबर वॉरफेयर, स्पेस वॉरफेयर, इंफॉर्मेशन वॉरफेयर और बायोलॉजिकल थ्रेट्स जैसी नई सुरक्षा चुनौतियाँ उभर रही हैं. उन्होंने कहा, "अब युद्ध केवल ज़मीन या हवा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह अंतरिक्ष और डिजिटल दुनिया तक फैल चुका है."
‘ट्रंप को खुद नहीं पता वो कल क्या करेंगे’
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की चर्चा करते हुए आर्मी चीफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर मज़ाकिया तंज कसते हुए कहा, "आज ट्रंप क्या कर रहे हैं? मुझे लगता है कि उन्हें खुद भी नहीं पता कि वो कल क्या करेंगे."
उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों के निर्णय और नीतियाँ इतनी तेज़ी से बदल रही हैं कि कोई भी यह अनुमान नहीं लगा सकता कि अगला कदम क्या होगा. इसी वजह से सेनाओं को लचीली रणनीति और तेज़ अनुकूलन क्षमता विकसित करनी होगी.
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की निर्णायक कार्रवाई
जनरल द्विवेदी ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी ज़िक्र किया. उन्होंने बताया कि यह अभियान 7 मई 2025 को शुरू किया गया था, जो 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किया गया था.
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की कार्रवाई का उद्देश्य केवल आतंकवादी ठिकानों और उनके इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट करना था, न कि किसी आम नागरिक को नुकसान पहुँचाना.
उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह सफल रहा. हमने यह सुनिश्चित किया कि किसी निर्दोष व्यक्ति को हानि न हो. हमारी कार्रवाई का निशाना सिर्फ़ आतंकवादियों और उनके आकाओं पर था."
ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में आतंकवादी नेटवर्क को निष्क्रिय किया. यह कार्रवाई लगभग चार दिनों तक चली और 10 मई 2025 को दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम के साथ समाप्त हुई.
‘सूचना युद्ध अब नया मोर्चा है’
जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज के दौर में फेक न्यूज और अफवाहें भी युद्ध का एक हिस्सा बन गई हैं. उन्होंने कहा, "आपने देखा होगा, जब ऑपरेशन सिंदूर चल रहा था, तब सोशल मीडिया पर कई अफवाहें फैल गईं, किसी ने कहा कराची पर हमला हुआ है, किसी ने कुछ और. ये वही सूचना युद्ध है, जो आज के समय में असली युद्ध जितना ही प्रभावशाली है."
उन्होंने कहा कि भारत की सेना इन चुनौतियों को पहचानती है और अपने सूचना तंत्र, सैटेलाइट सिस्टम और साइबर सुरक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही है.
टेक्नोलॉजी और अनुशासन का संतुलन
रीवा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सेना प्रमुख ने बताया कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि यह तकनीकी श्रेष्ठता और निर्णय क्षमता का मुकाबला बन गया है.
उन्होंने कहा, "सेना का बल केवल उसकी फायरपावर में नहीं, बल्कि उसके अनुशासन और सिद्धांतों में है. हमने यह दिखाया कि तकनीक और नैतिकता साथ-साथ चल सकते हैं."
उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय सेना लगातार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, सैटेलाइट निगरानी और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग को बढ़ा रही है ताकि भविष्य की परिस्थितियों में और अधिक प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके.
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