जम्मू-कश्मीर में 10 घंटे में सेना की दूसरी मुठभेड़, कुलगाम में छिपे हैं आतंकी, सर्च ऑपरेशन जारी

जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में अचानक आई तेजी के बीच बुधवार को सुरक्षा बलों ने 10 घंटे के भीतर दो अलग-अलग मुठभेड़ों में आतंकियों को घेरा. सुबह बारामूला के उरी सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया गया, जबकि शाम को कुलगाम के तंगमर्ग इलाके में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया गया.

Armys second encounter in 10 hours in Jammu and Kashmir terrorists are hiding in Kulgam
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: ANI

जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में अचानक आई तेजी के बीच बुधवार को सुरक्षा बलों ने 10 घंटे के भीतर दो अलग-अलग मुठभेड़ों में आतंकियों को घेरा. सुबह बारामूला के उरी सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया गया, जबकि शाम को कुलगाम के तंगमर्ग इलाके में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया गया.

कुलगाम में आतंकियों की घेराबंदी

बुधवार शाम सुरक्षा बलों ने कुलगाम के तंगमर्ग क्षेत्र में आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद इलाके को घेरा. आतंकियों ने जवाबी फायरिंग शुरू की, जिसके बाद मुठभेड़ तेज हो गई. सुरक्षाबलों ने इलाके में अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी हैं और ऑपरेशन अभी जारी है.

घुसपैठ नाकाम, दो आतंकवादी ढेर

इसी दिन सुबह, LoC के पास बारामूला जिले के उरी सेक्टर में पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने घुसपैठ की कोशिश की. सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो घुसपैठियों को मार गिराया. सर्च ऑपरेशन अभी भी चल रहा है.

बरामद सामग्री में शामिल हैं:

  • 2 असॉल्ट राइफलें
  • भारी मात्रा में गोलाबारूद
  • पाकिस्तानी करेंसी
  • खाद्य सामग्री और सिगरेट

यह सामग्री यह संकेत देती है कि आतंकी लंबे समय तक कार्रवाई की योजना के साथ आए थे.

पिछले दिनों हुई कई मुठभेड़ें

12 अप्रैल, अखनूर: आतंकी मुठभेड़ में JCO कुलदीप चंद शहीद हो गए थे. मुठभेड़ के दौरान घने जंगल में आतंकियों ने भारी गोलीबारी की थी.

11 अप्रैल, किश्तवाड़: तीन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मारे गए, जिनमें एक टॉप कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल था.

4-5 अप्रैल, पुंछ (कृष्णा घाटी): सेना ने 4 से 5 पाकिस्तानी घुसपैठियों को ढेर किया था. इस कार्रवाई को LoC पर बड़ी सफलता माना गया.

कठुआ में लगातार मुठभेड़ें:

मार्च और अप्रैल के बीच कठुआ में तीन से चार मुठभेड़ें हो चुकी हैं.

23 मार्च: जैश समर्थित आतंकियों के साथ मुठभेड़

28 मार्च: 2 आतंकी ढेर, 4 SOG जवान शहीद

31 मार्च: पंजतीर्थी मंदिर के पास मुठभेड़, एक आतंकी के मारे जाने की आशंका

सुरक्षा एजेंसियों ने इन इलाकों में सघन तलाशी अभियान, ड्रोन निगरानी, और स्निफर डॉग्स की मदद से ट्रैकिंग शुरू की है.

हालिया घटनाओं की पृष्ठभूमि

यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहा है जब पहलगाम आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया है, जिसमें 27 लोगों की जान गई थी. इसके बाद से ही घाटी में सुरक्षा बलों की सतर्कता कई गुना बढ़ा दी गई है. खुफिया इनपुट्स के मुताबिक आतंकवादी समूह घाटी में तनाव और अस्थिरता बढ़ाने की साजिश रच रहे हैं.

राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

  • केंद्र सरकार ने ऑपरेशनल यूनिट्स को चौकन्ना रहने का निर्देश दिया है.
  • NSG, CRPF, BSF और स्थानीय पुलिस साझा अभियानों में लगे हुए हैं.
  • संदिग्धों की पहचान, कॉल रिकॉर्ड ट्रैकिंग, और डिजिटल सिग्नल मॉनिटरिंग के ज़रिए आतंकी नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है.

ये भी पढ़ें-  जानिए क्या है CCS, इसके सदस्य कौन होते हैं और इसकी मीटिंग कब और क्यों बुलाई जाती है?