अफगानिस्तान में भारत विरोधी रणनीतियों में फेल होने के बाद पाकिस्तान अब बांग्लादेश को अपने साथ जोड़कर नई चाल चलने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान सेना के उप प्रमुख और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ आसिम मुनीर के डिप्टी जनरल शमशाद मिर्जा फिलहाल ढाका में हैं. उन्होंने वहां अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस से मुलाकात की और बांग्लादेश की तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की. इस मीटिंग में बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलील-उर-रहमान और पाकिस्तान के उच्चायुक्त इमरान हैदर भी मौजूद थे.
बांग्लादेश में पिछले साल शेख हसीना सरकार का सत्ता से हटना और खूनी विद्रोह के बाद अंतरिम सरकार का गठन हुआ. इस सरकार का नेतृत्व मोहम्मद यूनुस कर रहे हैं, जो कट्टरपंथियों के प्रति उदार माने जाते हैं. पाकिस्तान अब इस अवसर का लाभ उठाकर बांग्लादेश को अपने पाले में खींचने की कोशिश कर रहा है. कराची से ढाका के बीच अब सीधी फ्लाइट्स शुरू हो चुकी हैं और पाकिस्तान की सैन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.
भारत की सीमाओं के पास बढ़ रही पाकिस्तानी सक्रियता
खबरों के अनुसार, जनरल शमशाद मिर्जा भारत से लगे सीमांत इलाकों का दौरा भी कर सकते हैं. इनमें बंगाल से सटे इलाके जैसे कॉक्स बाजार, उखिया, टेकनाफ, मौलवीबाजार और हबीगंज शामिल हैं. विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई बीते कई महीनों से इन इलाकों में अपने प्रभाव को मजबूत करने में लगी हुई है. 1971 से पहले भी आईएसआई इन क्षेत्रों में सक्रिय थी और अब पुरानी स्थिति को फिर से स्थापित करने की कोशिश की जा रही है.
पाक-बांग्लादेश गठबंधन और भारत की सतर्कता
पाकिस्तान और बांग्लादेश की ताजा रणनीतिक जुगलबंदी ने भारतीय खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है. भारतीय एजेंसियां सीमा क्षेत्रों में आईएसआई की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों पर काम कर रही हैं. ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश की यह नई नीतिगत चाल भारत के लिए कितनी चुनौतीपूर्ण साबित होगी.
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