EU नेताओं से हमेशा मिलना आसान नहीं... डच टेक कंपनी ASML का बड़ा बयान, हाल में PM मोदी के साथ की थी बैठक

ASML के वैश्विक जनसंपर्क मामलों के कार्यकारी उपाध्यक्ष फ्रैंक हेम्सकेर्क से जब पूछा गया कि क्या उन्हें आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन जैसी शीर्ष नेताओं तक पर्याप्त पहुंच मिलती है, तो उन्होंने सीधे शब्दों में कहा “यह हमेशा आसान नहीं होता.”

ASML criticizes limited EU access praises PM Modi s open engagement
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नई दिल्ली: सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी की दिग्गज डच कंपनी ASML ने यूरोपीय यूनियन की शीर्ष लीडरशिप तक सीमित पहुंच को लेकर चिंता जाहिर की है. ब्रुसेल्स में हुए यूरोप समिट के दौरान कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यूरोप में नीति-निर्माताओं तक पहुंच बनाना आसान नहीं, जबकि भारत जैसे देशों में कंपनियों को सहज संवाद और सहयोग का माहौल मिल रहा है.

ASML अधिकारी का स्पष्ट बयान

ASML के वैश्विक जनसंपर्क मामलों के कार्यकारी उपाध्यक्ष फ्रैंक हेम्सकेर्क से जब पूछा गया कि क्या उन्हें आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन जैसी शीर्ष नेताओं तक पर्याप्त पहुंच मिलती है, तो उन्होंने सीधे शब्दों में कहा “यह हमेशा आसान नहीं होता.” यह बयान स्पष्ट रूप से यूरोपीय नीति-निर्माण प्रक्रिया में मौजूद जटिलताओं और धीमी प्रतिक्रिया प्रणाली की ओर इशारा करता है.

"व्हाइट हाउस में मिलना आसान, ब्रसेल्स में नहीं"

हेम्सकेर्क ने एक पूर्व सहयोगी का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका में व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलना, यूरोप के किसी आयुक्त से मिलने की तुलना में कहीं आसान है. इस तुलना ने यूरोपीय प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

PM मोदी से दो घंटे की ओपन बातचीत

इस संदर्भ में हेम्सकेर्क ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक का भी ज़िक्र किया. उन्होंने बताया कि ASML के CEO क्रिस्टोफ फौक्वेट ने हाल ही में पीएम मोदी के साथ करीब दो घंटे लंबी बातचीत की, जिसमें प्रधानमंत्री ने गहराई से सुना और बातचीत के अंत में कहा: “आप बहुत मिलनसार हैं, मुझे बताइए कि हम क्या बेहतर कर सकते हैं.” यह उदाहरण बताता है कि भारत किस तरह वैश्विक निवेशकों और टेक कंपनियों के लिए खुला और सहयोगी माहौल तैयार कर रहा है.

यूरोप को लेना चाहिए सबक

हेम्सकेर्क ने इस अनुभव के आधार पर सुझाव दिया कि यूरोपीय नीति-निर्माताओं को भी कंपनियों के साथ सीधे संवाद की संस्कृति विकसित करनी चाहिए, विशेष रूप से उन कंपनियों के साथ जो महत्त्वपूर्ण टेक निवेश कर रही हैं. उन्होंने कहा कि यदि यूरोप को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनना है, तो लचीले और व्यावसायिक रूप से अनुकूल माहौल की जरूरत है.

AI पर केंद्रित है मिस्ट्रल-ASML का सौदा

ASML अधिकारी ने फ्रांसीसी एआई स्टार्टअप मिस्ट्रल के साथ हाल ही में हुई €1.3 बिलियन की डील पर भी टिप्पणी की. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सौदा किसी भू-राजनीतिक रणनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि औद्योगिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित है. “यह भू-राजनीति से जुड़ी किसी भी चीज़ से कहीं ज़्यादा, इंडस्ट्रियल एआई पर केंद्रित है.”

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