पूर्वोत्तर भारत के अशांत राज्य मणिपुर में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली गंभीर घटना सामने आई है. शुक्रवार की शाम को बिष्णुपुर जिले के नांबोल सबल लेइकाई क्षेत्र में असम राइफल्स के जवानों पर अचानक हमला किया गया. इस घात लगाकर किए गए हमले में एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) सहित दो जवान वीरगति को प्राप्त हो गए, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, असम राइफल्स की टुकड़ी इंफाल से बिष्णुपुर की ओर गश्त पर जा रही थी. जैसे ही उनका वाहन नांबोल सबल लेइकाई क्षेत्र में पहुँचा, अज्ञात हमलावरों ने पहले से घात लगाकर उन पर हमला कर दिया. हमला शाम करीब 6 बजे के आसपास हुआ. यह इलाका आमतौर पर व्यस्त रहता है, जिससे यह घटना और भी गंभीर मानी जा रही है.
हमलावरों ने चलाई अंधाधुंध गोलियां
हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं और फिर एक सफेद रंग की वैन में सवार होकर मौके से फरार हो गए. जवाबी कार्रवाई के दौरान जवानों ने अत्यधिक संयम का परिचय दिया ताकि आसपास मौजूद नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे.
घायलों की स्थिति और बचाव कार्य
हमले में घायल हुए जवानों को तुरंत पुलिस और स्थानीय नागरिकों की मदद से निकट के अस्पताल पहुँचाया गया. जहां उनका इलाज जारी है. अभी तक घायल जवानों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है.
सुरक्षा बलों की कार्रवाई
हमले के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. संदिग्ध आतंकियों की तलाश के लिए आसपास के गांवों और जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. फिलहाल हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इस घटना में उग्रवादी संगठनों का हाथ हो सकता है जो लंबे समय से मणिपुर में सक्रिय हैं.
#WATCH | Manipur | Ambush on security forces in Nambol Sabal area of Bishnupur; Details awaited
— ANI (@ANI) September 19, 2025
(Visuals deferred by unspecified time) pic.twitter.com/pbdhVs5oJp
एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, इस तरह का हमला व्यस्त समय में किया गया जिससे साफ है कि हमलावर पूरी योजना बनाकर आए थे. इसके पीछे उद्देश्य स्पष्ट रूप से अशांति फैलाना और सुरक्षा बलों का मनोबल तोड़ना है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने जताया शोक
इस हमले के बाद मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने ट्वीट कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा, "नांबोल सबल लेइकाई में 33 असम राइफल्स के बहादुर जवानों पर हुए हमले की खबर से मैं अत्यंत दुखी हूं. शहीद हुए जवानों की बहादुरी को नमन करता हूं और उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. घायल जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. यह एक कायराना हरकत है और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों को कठोर सजा मिलनी चाहिए."
मणिपुर में सुरक्षा हालात और उग्रवाद
गौरतलब है कि मणिपुर पिछले कुछ समय से जातीय और राजनीतिक तनाव की चपेट में है. राज्य में कई उग्रवादी संगठन सक्रिय हैं जो समय-समय पर सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निशाना बनाते रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकार द्वारा शांति बहाल करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं उस प्रक्रिया को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक स्थानीय समुदायों के बीच विश्वास बहाली नहीं होती और उग्रवादी नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाता, तब तक इस तरह की हिंसक घटनाओं पर पूर्ण नियंत्रण पाना कठिन रहेगा.
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