UP: 8 साल की बच्ची बनी 3 बच्चों की मां, औरैया का ये अजीबोगरीब मामला पढ़ हिल जाएगा दिमाग

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, कमलेश नाम की महिला ने महज 5 साल की उम्र में पहले बच्चे को जन्म दिया, 6 साल में दूसरा और 8 साल की उम्र में तीसरे बच्चे की मां बनी. यह जानकारी पंचायत सचिव द्वारा हस्ताक्षरित परिवार रजिस्टर में दर्ज की गई है, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोग हैरान हैं.

Auraiya panchayat fake birth records case 8 year old girl became mother of 3 children
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: Freepik

Auraiya News: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के रामपुर गांव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां दस्तावेजों में जन्मतिथि के संबंध में गड़बड़ी ने प्रशासन को चौंका दिया है. इस गड़बड़ी के कारण एक महिला और उसके बच्चों के सरकारी रिकॉर्ड में अनोखी और अविश्वसनीय जानकारी सामने आई है, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती.

5 साल की उम्र में मां बनने का रिकॉर्ड

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, कमलेश नाम की महिला ने महज 5 साल की उम्र में पहले बच्चे को जन्म दिया, 6 साल में दूसरा और 8 साल की उम्र में तीसरे बच्चे की मां बनी. यह जानकारी पंचायत सचिव द्वारा हस्ताक्षरित परिवार रजिस्टर में दर्ज की गई है, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोग हैरान हैं. यह आंकड़े जितने आश्चर्यजनक हैं, उतने ही वास्तविकता पर सवाल खड़े करने वाले भी हैं.

ससुराल वालों पर साजिश का आरोप

कमलेश का आरोप है कि उसके मृत पति के नाम पर किसी दूसरी महिला को पत्नी दिखाया गया और उसके तीन बच्चों को उस महिला के नाम से जोड़ा गया. कमलेश ने यह भी आरोप लगाया कि उसके ससुराल वालों ने संपत्ति हड़पने की नीयत से सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर किया है. उसने इस संबंध में समाधान दिवस पर 12 लोगों के खिलाफ शिकायत भी की है और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है.

पंचायत सचिव की भूमिका पर उठे सवाल

यहां सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि जिस महिला के नाम पर यह रिकॉर्ड बनाए गए हैं, उसकी जन्मतिथि 1984 बताई गई है, जबकि उसके बच्चों की जन्मतिथि 1989, 1990 और 1992 दर्ज की गई हैं. यह गड़बड़ी सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है. पंचायत सचिव की भूमिका और रिकॉर्ड-रखरखाव की प्रणाली पर अब प्रश्न उठने लगे हैं.

प्रशासन ने शुरू की जांच

खंड विकास अधिकारी (BDO) ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर विस्तृत जांच शुरू की गई है. अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

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