Australia vs England: एशेज 2025 का दूसरा मुकाबला ब्रिस्बेन के ऐतिहासिक गाबा स्टेडियम में पिंक बॉल के साथ खेला गया. यह इस श्रृंखला का एकमात्र डे-नाइट टेस्ट था, लेकिन इंग्लैंड के लिए यह मैच किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हुआ. ऑस्ट्रेलिया ने शुरू से लेकर अंत तक पूरी तरह दबदबा बनाए रखा और चार दिनों के भीतर मैच समाप्त करते हुए सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली. पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट में भी कंगारुओं ने इंग्लैंड को 8 विकेट से हराया था, और ब्रिस्बेन में भी ठीक वही नतीजा देखने को मिला.
गाबा हमेशा से ऑस्ट्रेलिया का किला माना जाता रहा है, और इस बार भी मेजबान टीम ने अपने शानदार गेंदबाजी और संतुलित बल्लेबाजी प्रदर्शन से इंग्लैंड को पूरी तरह पछाड़ दिया. इंग्लैंड ने दूसरी पारी में बुरी तरह लड़खड़ाते हुए मात्र 65 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने बेहद आराम से दो विकेट खोकर हासिल कर लिया. जीत के नायक रहे तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क, जिन्होंने मैच में कुल 8 विकेट झटके और इंग्लैंड की दोनों पारियों को ध्वस्त करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई.
Australia clinch a 2-0 Ashes lead with another strong display at the Gabba 🔥#WTC27 | #AUSvENG 📝: https://t.co/BNKjBSJuJb pic.twitter.com/ERuzwD8k6B
— ICC (@ICC) December 7, 2025
पहली पारी में जो रूट का शतक भी नहीं बदल सका इंग्लैंड का भाग्य
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनने के बाद इंग्लैंड की शुरुआत उम्मीदों के मुताबिक रही. ओपनर जैक क्रॉली ने सकारात्मक अंदाज में खेलते हुए 76 रन बनाए और टीम को मजबूत आधार देने की कोशिश की. इसके बाद टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने जिम्मेदारी संभाली और 206 गेंदों पर 138 रनों की शानदार पारी खेली. यह रूट का ऑस्ट्रेलियाई धरती पर पहला टेस्ट शतक भी था.
हालांकि, रूट और क्रॉली के अलावा इंग्लैंड का कोई भी बल्लेबाज पिच की परिस्थितियों का फायदा नहीं उठा सका. नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और टीम 334 रन पर ढेर हो गई. रूट की यह पारी इंग्लैंड के लिए उम्मीद की किरण थी, लेकिन बाकी बल्लेबाजों की नाकामी ने इस प्रयास को बेअसर कर दिया.
ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी, सभी बल्लेबाजों का सामूहिक योगदान
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने अपनी पहली पारी में बेहद संतुलित और संयमित खेल दिखाया. पूरी टीम ने 511 रन बनाते हुए इंग्लैंड पर 177 रनों की विशाल बढ़त हासिल कर ली. बल्लेबाज जेक वेदराल्ड ने 72 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि मिचेल स्टार्क ने गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी योगदान देते हुए 71 रन बनाए.
स्टीव स्मिथ ने 61 रन और मार्नस लाबुशेन ने 65 रन जोड़े. खास बात यह रही कि लगभग हर बल्लेबाज ने दहाई का आंकड़ा पार किया, जिससे यह पारी एक मजबूत सामूहिक प्रदर्शन बनकर उभरी.
इंग्लैंड की दूसरी पारी फिर ढही
पहली पारी में पिछड़ने के बाद इंग्लैंड के लिए दूसरी पारी में जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करना अनिवार्य था, लेकिन टीम एक बार फिर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी. बेन स्टोक्स के 50 रन और विल जैक्स के 41 रनों के अलावा कोई भी खिलाड़ी क्रीज पर ज्यादा देर टिक नहीं पाया.
जैक क्रॉली ने 44 रन बनाए, लेकिन लगातार गिरते विकेटों ने इंग्लैंड की पारी को बिखेर कर रख दिया. पूरी टीम 241 रन पर आउट हो गई और ऑस्ट्रेलिया के सामने केवल 65 रनों का मामूली लक्ष्य रख सकी, जिसे मेजबानों ने आसानी से हासिल कर लिया.
ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर मजबूत पकड़ बनाई
लगातार दो टेस्ट जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने एशेज सीरीज में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है. गाबा में उनकी यह जीत साबित करती है कि पिंक बॉल टेस्ट हो या सामान्य परिस्थितियां, इंग्लैंड के लिए ऑस्ट्रेलियाई सरज़मीं पर जीतना अब भी बेहद चुनौतीपूर्ण है.
यदि इंग्लैंड को इस ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज में वापसी करनी है, तो आगे के मुकाबलों में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही क्षेत्रों में बड़ा सुधार दिखाना होगा, वरना यह सीरीज जल्द ही एकतरफा साबित हो सकती है.
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