अयोध्या दीपोत्सव में बना रिकॉर्ड, 23 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, 56 घाटों पर जलेंगे 28 लाख दीप

श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है. इस वर्ष दीपोत्सव 2025 में जो भव्यता और श्रद्धालु संख्या देखने को मिल रही है, उसने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.

Ayodhya Deepotsav sets record over 23 crore devotees arrive
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

अयोध्या: श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है. इस वर्ष दीपोत्सव 2025 में जो भव्यता और श्रद्धालु संख्या देखने को मिल रही है, उसने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. अयोध्या न केवल राम मंदिर निर्माण के कारण वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र बना है, बल्कि अब इसकी पहचान विश्वस्तरीय सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी हो रही है.

जनवरी 2025 से जून 2025 के बीच अयोध्या में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं की संख्या ने अभूतपूर्व ऊंचाई छू ली है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 23,81,64,744 भारतीय श्रद्धालु और 49,993 विदेशी पर्यटक अयोध्या पहुंचे हैं. कुल मिलाकर 23,82,14,737 लोगों ने श्रीराम जन्मभूमि और अन्य पवित्र स्थलों पर दर्शन-पूजन किया.

इस संख्या में दीपोत्सव के दौरान और अधिक वृद्धि की संभावना है, क्योंकि हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनने पहुंच रहे हैं.

दीपोत्सव 2025: सरयू घाट पर अद्भुत रोशनी

इस वर्ष दीपोत्सव का आयोजन रविवार, 19 अक्टूबर 2025 को किया जा रहा है. आयोजन की खास बात यह है कि सरयू नदी के 56 घाटों पर कुल 28 लाख दीयों को एक साथ जलाया जाएगा. यह दृश्य अयोध्या को दिव्य और अद्भुत रोशनी में सराबोर कर देगा.

प्रमुख आकर्षण:

  • घाट संख्या 10 पर 80,000 दीपों से स्वास्तिक चिन्ह का निर्माण किया जाएगा.
  • आयोजन के लिए 33,000 स्वयंसेवकों (वालंटियर्स) को तैनात किया गया है.
  • हर स्वयंसेवक को सरसों के तेल की बोतल और प्रज्वलन सामग्री उपलब्ध कराई गई है.
  • वालंटियर्स को केवल सूती वस्त्र पहनने और पहचान पत्र के साथ ही प्रवेश करने के निर्देश दिए गए हैं.

2017 से दीपोत्सव की शुरुआत

अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन वर्ष 2017 में पहली बार शुरू हुआ था, जब उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे श्रीराम के अयोध्या लौटने के प्रतीक रूप में सार्वजनिक उत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया.

इसके बाद हर वर्ष दीपावली से पहले यह आयोजन और भी भव्य रूप लेता गया. हर साल देश-विदेश से लाखों की संख्या में लोग दीपोत्सव में शामिल होते रहे हैं.

प्रशासन की तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था

इतनी विशाल संख्या में श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और स्वयंसेवी संस्थाओं ने मिलकर विशेष इंतजाम किए हैं:

  • 2000 लोगों की विश्वविद्यालय टीम घाटों पर व्यवस्था देख रही है.
  • घाटों पर कैंडल, माचिस, तेल, बत्ती जैसी सारी सामग्री पहले से पहुंचा दी गई है.
  • स्वच्छता और आग से सुरक्षा के लिए दमकल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात हैं.

जगह-जगह डिजिटल स्क्रीन, एलईडी वॉल्स और लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई है ताकि भीड़ का दबाव कम किया जा सके.

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