कट्टरपंथी जाकिर नाइक की बांग्लादेश यात्रा पर लगी रोक, भारत के सख्त रुख के बाद यूनुस सरकार ने बदला फैसला

Zakir Naik Bangladesh: ढाका में होने वाले प्रस्तावित "जाकिर नाइक बांग्लादेश टूर 2025" को लेकर मचा बवाल अब थम गया है. भारत में वांछित और कट्टरपंथी विचारों के लिए बदनाम इस्लामी प्रचारक डॉ. जाकिर नाइक को बांग्लादेश में प्रवेश की अनुमति फिलहाल नहीं दी जाएगी.

ban on the visit of radical Zakir Naik to Bangladesh India strict stance Yunus government
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Zakir Naik Bangladesh: ढाका में होने वाले प्रस्तावित "जाकिर नाइक बांग्लादेश टूर 2025" को लेकर मचा बवाल अब थम गया है. भारत में वांछित और कट्टरपंथी विचारों के लिए बदनाम इस्लामी प्रचारक डॉ. जाकिर नाइक को बांग्लादेश में प्रवेश की अनुमति फिलहाल नहीं दी जाएगी. प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने मंगलवार को गृह मंत्रालय में हुई एक अहम बैठक के बाद यह निर्णय लिया.

कुछ दिन पहले तक बांग्लादेश सरकार जाकिर नाइक का जोरदार स्वागत करने की तैयारियों में जुटी थी. सोशल मीडिया पर “स्पार्क इवेंट मैनेजमेंट कंपनी” नामक एक आयोजक ने ढाका में 28-29 नवंबर को होने वाले उनके कार्यक्रम की घोषणा भी कर दी थी, यह दावा करते हुए कि उन्हें सरकारी अनुमति मिल चुकी है. हालांकि, भारत की तीखी प्रतिक्रिया के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया. भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा था कि यदि जाकिर नाइक बांग्लादेश पहुंचते हैं, तो उनके प्रत्यर्पण की उम्मीद की जाएगी.

सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण बना बड़ी चिंता

प्रमुख अखबार प्रथम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की लॉ एंड ऑर्डर कोर कमेटी की बैठक में जाकिर नाइक के दौरे से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई. सूत्रों का कहना है कि यह माना गया कि उनके आगमन से भारी भीड़ और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है. फिलहाल देश में सुरक्षा बलों की सीमित उपलब्धता को देखते हुए इस जोखिम को उठाना उचित नहीं समझा गया.

भारत की बात सुनी ढाका ने

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एसएम महबूबुल आलम ने हाल ही में कहा था कि भारत की टिप्पणियों को गंभीरता से लिया गया है. उन्होंने यह भी जोड़ा, “हम मानते हैं कि कोई भी देश, जिसमें भारत भी शामिल है, किसी भी फरार या आरोपी व्यक्ति को शरण नहीं देनी चाहिए.”

कौन हैं जाकिर नाइक?

डॉ. जाकिर नाइक भारत में कई आपराधिक मामलों में वांछित हैं. उन पर भड़काऊ भाषण देने, धार्मिक नफरत फैलाने और आतंकी वित्त पोषण जैसे गंभीर आरोप हैं. उनके संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) पर भारत सरकार पहले ही प्रतिबंध लगा चुकी है. 

वर्तमान में नाइक मलेशिया में शरण लेकर रह रहे हैं, और वहीं से ऑनलाइन धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए अपने विचार प्रसारित करते हैं. बांग्लादेश सरकार का यह कदम न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि ढाका भारत के साथ राजनयिक संतुलन बनाए रखना चाहता है.

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