मुंबई: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को अपना नया नेतृत्व मिल गया है. पूर्व घरेलू क्रिकेटर मिथुन मन्हास को बोर्ड का अगला अध्यक्ष चुना गया है. उन्होंने रोजर बिन्नी की जगह ली है. रविवार, 28 सितंबर 2025 को मुंबई में आयोजित हुई बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (AGM) में यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया.
जम्मू-कश्मीर में जन्मे मिथुन मन्हास ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत दिल्ली से की थी और धीरे-धीरे घरेलू क्रिकेट में अपनी मजबूत पहचान बनाई. उन्होंने 157 फर्स्ट क्लास मैचों में 9714 रन बनाए. इसमें 27 शतक और 49 अर्धशतक शामिल हैं. 2007-08 रणजी ट्रॉफी में दिल्ली की कप्तानी करते हुए 921 रन बनाए और टीम को चैंपियन बनाया. आज वही मन्हास अब भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े प्रशासनिक पद पर पहुंचे हैं, जो जम्मू-कश्मीर से किसी भी व्यक्ति के लिए पहली बार है.
भारतीय टीम का सपना अधूरा रह गया, पर खेल में योगदान जारी रहा
हालांकि मन्हास ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें कभी भारतीय सीनियर टीम में खेलने का मौका नहीं मिला. उस दौर में भारतीय मिडिल ऑर्डर में सचिन, द्रविड़, गांगुली और लक्ष्मण जैसे धुरंधर मौजूद थे, जिससे जगह बना पाना मुश्किल हो गया.इसके बावजूद मन्हास ने क्रिकेट से नाता नहीं तोड़ा और दिल्ली डेयरडेविल्स, पुणे वॉरियर्स, और चेन्नई सुपर किंग्स जैसे आईपीएल फ्रेंचाइज़ी के लिए खेला. बाद में उन्होंने कोचिंग और क्रिकेट प्रशासन में भी सक्रिय भूमिका निभाई.
बीसीसीआई AGM में अन्य नियुक्तियां भी हुईं
इस साल की बीसीसीआई वार्षिक बैठक में कई महत्वपूर्ण पदों पर नए चेहरे या दोबारा नियुक्तियां हुईं:
भारतीय क्रिकेट के लिए एक नई शुरुआत
मिथुन मन्हास की नियुक्ति से यह उम्मीद जताई जा रही है कि अब बीसीसीआई में एक ऐसा नेतृत्व आया है, जिसे खेल की जमीनी हकीकत का प्रत्यक्ष अनुभव है. उनकी पृष्ठभूमि, समझ और खिलाड़ियों के नजरिए को जानने की क्षमता उन्हें भारतीय क्रिकेट के भविष्य को दिशा देने में मददगार बना सकती है.
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