भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपनी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट प्रणाली में बदलाव करने जा रहा है, जिसमें एक बड़ा बदलाव ग्रेड A को हटाने से हो सकता है. मौजूदा व्यवस्था के तहत, भारतीय क्रिकेटरों को चार श्रेणियों में बांटा गया है—ग्रेड A , ग्रेड A, ग्रेड B और ग्रेड C. इस व्यवस्था में केवल चार खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्हें BCCI द्वारा सालाना सबसे ज्यादा सैलरी मिलती है. अब खबरें आ रही हैं कि अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने इस कॉन्ट्रैक्ट प्रणाली में सुधार की सिफारिश की है, और इसके परिणामस्वरूप, भारतीय क्रिकेटरों को सिर्फ तीन ग्रेड—A, B और C—में बांटा जा सकता है.
रोहित और कोहली के बराबर सैलरी पाने वाले खिलाड़ी
अगर यह बदलाव लागू होता है, तो रोहित शर्मा और विराट कोहली को बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में ग्रेड A की जगह अब ग्रेड B में रखा जा सकता है. वर्तमान प्रणाली में रोहित और कोहली के साथ-साथ केवल दो और खिलाड़ी—जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा—हैं, जिन्हें बीसीसीआई सालाना 7 करोड़ रुपये की सैलरी देता है. ये चारों खिलाड़ी ग्रेड A के तहत आते हैं, और उन्हें हर साल 7 करोड़ रुपये मिलते हैं, जो बीसीसीआई द्वारा दी जाने वाली सबसे बड़ी सैलरी है.
ग्रेड A के खिलाड़ी और उनकी सैलरी
ग्रेड A के तहत आने वाले खिलाड़ी जैसे शुभमन गिल और हार्दिक पांड्या को सालाना 5 करोड़ रुपये की सैलरी मिलती है. शुभमन गिल, जो भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं, इस श्रेणी में आते हैं. वहीं, हार्दिक पांड्या, जो एक शानदार ऑलराउंडर हैं, उन्हें भी यही सैलरी मिलती है. हालांकि, इस ग्रेड में आने वाले खिलाड़ियों को ग्रेड A के मुकाबले थोड़ी कम सैलरी मिलती है, लेकिन फिर भी यह एक अच्छी रकम है.
सूर्यकुमार यादव की सैलरी
भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव को इस बार बीसीसीआई द्वारा ग्रेड B में रखा गया है, और उन्हें सालाना 3 करोड़ रुपये की सैलरी दी जाती है. यह सैलरी ग्रेड A के खिलाड़ियों से काफी कम है, लेकिन फिर भी यह उनके प्रदर्शन और योगदान को ध्यान में रखते हुए काफी मान्यता है.
क्या होगा अगर सिस्टम में बदलाव होता है?
अगर बीसीसीआई अपनी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट प्रणाली में बदलाव करता है और ग्रेड A को हटा दिया जाता है, तो इसके परिणामस्वरूप रोहित और कोहली जैसे बड़े नामों को ग्रेड B में शिफ्ट किया जा सकता है. इससे यह भी संकेत मिलता है कि बीसीसीआई भविष्य में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें और भी ज्यादा मान्यता देने की योजना बना सकता है. हालांकि, यह बदलाव कब और कैसे होगा, इस पर अभी कुछ भी पक्का नहीं कहा जा सकता है, लेकिन अगर ऐसा होता है, तो भारतीय क्रिकेट के लिए यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है.
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