NIA Action On Delhi Blast: दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए कार बम धमाके की जांच एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकवादी उमर उन नबी के बेहद करीबी और तकनीकी सहयोगी जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है. जासिर की गिरफ्तारी को एजेंसी ने अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना है, क्योंकि वह धमाके की साजिश में गहराई से शामिल था.
NIA की जांच में खुलासा हुआ है कि जासिर न सिर्फ योजना का हिस्सा था, बल्कि उसके पास तकनीकी कौशल भी था, जिसका इस्तेमाल वह आतंकी मॉड्यूल की क्षमता बढ़ाने में कर रहा था. वह ड्रोन में बदलाव कर उन्हें हमलों के अनुकूल बनाने की कोशिश कर रहा था. इसके अलावा वह रॉकेट जैसी तकनीक विकसित करने में भी सक्रिय रूप से शामिल था, जो धमाके के पहले तक जारी थी. इस तकनीकी सहायता के दम पर आतंकी नेटवर्क अपने हमलों को और घातक बनाने की तैयारी में था.
Continuing with its probe in the Red Fort area car bomb blast case, the National Investigation Agency (NIA) has arrested another key associate of the terrorist involved in the blast.
— ANI (@ANI) November 17, 2025
Jasir Bilal Wani alias Danish, also a Kashmir resident, was arrested from Srinagar in Jammu &…
उमर उन नबी का सबसे भरोसेमंद साथी
जांच में यह भी सामने आया कि जासिर, धमाका करने वाले उमर उन नबी का बेहद करीबी सहयोगी था. दोनों मिलकर कार बम विस्फोट की योजना बना रहे थे. इस हमले में 10 लोगों की मौत और 32 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. NIA के अनुसार धमाका इतनी बड़ी तबाही मचा सका, इसमें जासिर की तकनीकी भूमिका बेहद अहम थी.
नेटवर्क की हर परत को खंगालने में जुटी NIA
एजेंसी इस मामले से जुड़े हर पहलू को समझने के लिए देशभर में छापेमारी कर रही है. जांच टीमें आतंकियों के सपोर्ट सिस्टम, फंडिंग चैन और स्थानीय सहयोगियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रही हैं. NIA का ध्यान इस नेटवर्क के हर सदस्य की पहचान करने और उसे बेनकाब करने पर है, ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके.
पूछताछ से खुल सकते हैं कई बड़े राज
जासिर की गिरफ्तारी के बाद जांच को नई दिशा मिली है. उसकी भूमिका ने पूरे मॉड्यूल की कार्यप्रणाली और तकनीकी सेटअप पर रोशनी डाली है. NIA को उम्मीद है कि पूछताछ में कई बड़े खुलासे होंगे, जिससे मास्टरमाइंड से लेकर छोटे सहयोगियों तक, सभी का पता चल सकेगा. इस जानकारी के आधार पर एजेंसी इस आतंकी साजिश को जड़ से खत्म करने की कोशिश करेगी.
यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल के विस्तार की सुगबुगाहट तेज, सीएम मोहन यादव ने मंत्रियों से मांगी रिपोर्ट