ओटावा: कनाडा के आम चुनावों में एक बड़ा राजनीतिक मोड़ सामने आया है, जहां नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) के नेता जगमीत सिंह अपनी परंपरागत सीट बर्नाबी सेंट्रल से चुनाव हार गए हैं. इस हार की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने पार्टी नेतृत्व छोड़ने की घोषणा की है. हालांकि, नए नेता के चुने जाने तक वे अंतरिम अध्यक्ष के रूप में कार्य करते रहेंगे.
चुनावी प्रदर्शन में गिरावट
NDP ने इस बार 343 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी को केवल 8 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है. 2021 के पिछले चुनाव में पार्टी ने 24 सीटें जीतकर संसद में अहम भूमिका निभाई थी, परंतु इस बार के कमजोर प्रदर्शन के कारण पार्टी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खो बैठी है.
जगमीत सिंह की प्रतिक्रिया
पराजय स्वीकार करते हुए जगमीत सिंह ने अपने समर्थकों और परिवार का आभार जताया और लिबरल पार्टी के नेता मार्क कार्नी को उनकी जीत पर बधाई दी. उन्होंने कहा, "कनाडा को वैश्विक स्तर पर चुनौती दे रही ताकतों से बचाने के लिए नई सरकार के पास अहम जिम्मेदारी है."
मार्क कार्नी को प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद अब लिबरल पार्टी एक नई दिशा की ओर अग्रसर होगी.
खालिस्तान विवाद की राजनीतिक छाया
जगमीत सिंह लंबे समय से भारत-कनाडा संबंधों में एक संवेदनशील चेहरे के रूप में देखे जाते रहे हैं. उन पर अक्सर खालिस्तान समर्थकों के प्रति नरम रुख रखने के आरोप लगते रहे हैं, जिससे भारत-कनाडा संबंधों में तनाव रहा है. इस चुनावी परिणाम को कुछ विश्लेषक खालिस्तान समर्थक धारा के लिए झटका मान रहे हैं, हालांकि पार्टी के पराजय के पीछे कई आंतरिक कारण भी रहे हैं.
एक ऐतिहासिक नेतृत्व का अंत
जगमीत सिंह 2017 में जब NDP के अध्यक्ष बने थे, तो वह किसी भी कनाडाई संघीय पार्टी का नेतृत्व करने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति थे. एक दशक तक उन्होंने पार्टी को एक सामाजिक न्याय-आधारित विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया और कई मौकों पर अल्पमत लिबरल सरकार को बाहर से समर्थन दिया.
2024 में उन्होंने ट्रूडो सरकार से समर्थन वापस लेते हुए आरोप लगाया था कि सरकार कॉर्पोरेट दबाव में आम नागरिकों की उपेक्षा कर रही है.
व्यक्तिगत जीवन और पृष्ठभूमि
पेशे से वकील रहे जगमीत सिंह का जन्म 2 जनवरी 1979 को स्कारबोरो, ओंटारियो में हुआ था. उनके परिवार की जड़ें पंजाब, भारत से जुड़ी हैं. उन्होंने फैशन डिजाइनर गुरकिरन कौर सिद्धू से विवाह किया और उनके दो बच्चे हैं.
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