Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों को लेकर एक अहम फैसला लिया है. अब राज्य के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मिलने वाली पेंशन राशि में बढ़ोतरी की जाएगी. यह कदम पत्रकारों के लिए एक राहत और सम्मानजनक कदम माना जा रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बारे में सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी और कहा कि अब बिहार सरकार पत्रकारों की कल्याण के लिए और भी कदम उठा रही है.
नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया, "बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत अब सभी पात्र पत्रकारों को हर महीने 6 हजार की बजाय 15 हजार रुपए पेंशन राशि दी जाएगी. इसके अलावा, यदि पेंशन प्राप्त पत्रकार का निधन होता है, तो उनके आश्रित पति या पत्नी को जीवनभर हर माह 3 हजार की बजाय 10 हजार रुपए की पेंशन मिलेगी."
क्या है नया ऐलान?
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं, और उनकी भूमिका समाज के हर पहलू में महत्वपूर्ण होती है. "हम शुरू से ही पत्रकारों की सुविधाओं का ख्याल रखते आए हैं, ताकि वे निष्पक्ष होकर अपनी पत्रकारिता का काम कर सकें और सेवानिवृत्ति के बाद भी एक सम्मानजनक जीवन जी सकें," उन्होंने कहा.
नीतीश कुमार के अन्य अहम ऐलान
बिहार में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नीतीश कुमार ने कई बड़े ऐलान किए हैं. पत्रकारों के लिए पेंशन वृद्धि के अलावा, उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के लिए भी सुविधाएं बढ़ाई हैं. उन्होंने पहले ही राज्य की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं की मासिक पेंशन राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये करने का ऐलान किया था. इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने आम जनता को राहत देते हुए 125 यूनिट तक फ्री बिजली देने का फैसला लिया है. यह योजना 1 अगस्त 2025 से लागू होगी और इसका लाभ उपभोक्ताओं को जुलाई माह के बिल से ही मिलने लगेगा.
आने वाले पांच वर्षों का रोडमैप
नीतीश कुमार ने आगे कहा कि बिहार सरकार 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ सरकारी नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य लेकर काम करेगी. यह लक्ष्य पिछले पांच वर्षों (2020-2025) के मुकाबले दोगुना होगा. इससे बिहार में रोजगार के अवसरों में बड़ी वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है.
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