Bihar: बक्सर बनेगा आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र, महर्षि विश्वामित्र पार्क का होगा निर्माण, डिप्टी सीएम का ऐलान

Maharshi Vishwamitra Park Buxar: बिहार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर अब एक नई दिशा की ओर बढ़ रही है. रामायणकालीन इतिहास से जुड़े बक्सर को जल्द ही एक नई पहचान मिलने जा रही है.

Bihar Buxar centre of spiritual tourism Maharishi Vishwamitra Park will be constructed
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Maharshi Vishwamitra Park Buxar: बिहार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर अब एक नई दिशा की ओर बढ़ रही है. रामायणकालीन इतिहास से जुड़े बक्सर को जल्द ही एक नई पहचान मिलने जा रही है. यहां महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि पर भव्य और वैदिक थीम आधारित महर्षि विश्वामित्र पार्क का निर्माण किया जाएगा, जो न केवल धार्मिक भावनाओं को सजीव करेगा, बल्कि ईको-टूरिज़्म और स्थानीय रोजगार को भी नई उड़ान देगा.

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक इस पार्क के निर्माण पर कुल ₹24.42 करोड़ खर्च होंगे, जिसमें पहले चरण के लिए ₹8.11 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है. यह जानकारी बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी.

गायत्री मंत्र की थीम पर आधारित होगा पार्क

महर्षि विश्वामित्र पार्क को गायत्री मंत्र की आध्यात्मिक अवधारणा पर विकसित किया जाएगा. इस पार्क में ध्यान केंद्र, वैदिक शैली के पथ, हरित संरचनाएं, शांति के प्रतीक स्थल और धार्मिक श्लोकों से सजे प्राकृतिक कोने बनाए जाएंगे. यह न केवल दर्शकों को प्रकृति से जोड़ने का कार्य करेगा, बल्कि उन्हें एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव भी प्रदान करेगा.

हरियाली और जैव विविधता को मिलेगा बढ़ावा

पर्यावरणीय संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पार्क में वृक्षारोपण, औषधीय पौधों की नर्सरी और पक्षियों के लिए सुरक्षित क्षेत्र भी बनाए जाएंगे. मृत सोन नहर की भूमि को परियोजना स्थल के रूप में चुना गया है, जहां प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम साकार होगा.

बक्सर: महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बक्सर वह पावन स्थल है जहां महर्षि विश्वामित्र ने अपना आश्रम स्थापित किया था और वहीं उन्होंने भगवान राम और लक्ष्मण को शस्त्र-शास्त्र की शिक्षा दी थी. यही ऐतिहासिकता इस पार्क को एक विशेष महत्व देती है. यह पार्क न केवल विरासत को सहेजने का माध्यम होगा, बल्कि इसे अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास भी.

आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा प्रोत्साहन

बिहार सरकार की यह योजना यह स्पष्ट संकेत देती है कि राज्य अब अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर लाने के लिए गंभीर है. महर्षि विश्वामित्र पार्क, राज्य में आध्यात्मिक पर्यटन की एक नई मिसाल बन सकता है.

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