AK-47, INSAS रायफल, कारबाइन, दुनाली.. बिहार में STF की कार्रवाई, कांस्टेबल सहित 4 गिरफ्तार, बरामद हुए इतने हथियार

Samastipur News: बिहार के समस्तीपुर जिले में शुक्रवार, 6 जून 2025 को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बेहद अहम कार्रवाई को अंजाम दिया. हत्या की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए STF ने चार लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक निलंबित पुलिस कांस्टेबल भी शामिल है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: Freepik

Samastipur News: बिहार के समस्तीपुर जिले में शुक्रवार, 6 जून 2025 को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बेहद अहम कार्रवाई को अंजाम दिया. हत्या की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए STF ने चार लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक निलंबित पुलिस कांस्टेबल भी शामिल है. इस कार्रवाई ने जिले में खलबली मचा दी है और पुलिस की सतर्कता की सराहना हो रही है.

गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से एक एके-47 राइफल, एक इंसास राइफल, एक देसी बंदूक, चार मैगजीन और 130 से अधिक कारतूस बरामद किए गए हैं. यही नहीं, निलंबित कांस्टेबल के घर से कई जमीन-जायदाद के दस्तावेज भी मिले हैं, जो इस मामले की गंभीरता और गहराई की ओर इशारा करते हैं.

गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (STF) कुंदन कृष्णन ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग दो व्यक्तियों प्रिंस मुखिया और नवीन सिंह की हत्या की योजना बना रहे हैं. इसके बाद STF और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने सुल्तानपुर इलाके में निलंबित कांस्टेबल सरोज सिंह के परिसर पर शुक्रवार सुबह छापा मारा.

भागने और गोली चलाने की कोशिश

छापेमारी के दौरान सरोज सिंह अपने साथियों के साथ मौके से भागने की कोशिश करने लगा और पुलिस पर गोली भी चलाई. लेकिन सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से सभी आरोपियों को दबोच लिया गया. सौभाग्यवश इस मुठभेड़ में कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ. पुलिस ने आत्मरक्षा में कोई गोली नहीं चलाई, लेकिन आरोपियों के पास से बरामद हथियारों की संख्या और प्रकार ने सभी को चौंका दिया.

पहले से दर्ज हैं कई मामले

जांच में पता चला है कि सरोज सिंह पहले से ही कई आपराधिक मामलों में लिप्त रहा है. उसकी गिरफ्तारी से एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि किस प्रकार अपराधी तत्व पुलिस विभाग में घुसपैठ करते हैं और पद का दुरुपयोग करते हैं. फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. माना जा रहा है कि इस साजिश के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसकी परतें आने वाले दिनों में खुल सकती हैं.

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