Tarapur Seat: बिहार विधानसभा चुनाव के माहौल में जब हर पार्टी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में लगी है, तब तारापुर विधानसभा सीट से एक ऐसा राजनीतिक मोड़ सामने आया है, जिसने महागठबंधन के समीकरण हिला दिए हैं.
VIP पार्टी के उम्मीदवार सकलदेव बिंद ने न केवल अपना नामांकन वापस लेने का ऐलान कर दिया है, बल्कि बीजेपी और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समर्थन में भी खुलकर सामने आ गए हैं. यह घटनाक्रम चुनावी रणभूमि में नया सस्पेंस और रणनीतिक उलटफेर लेकर आया है.
तारापुर के विकास के लिए महागठबंधन के उम्मीदवार साथ आएं।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) October 20, 2025
महागठबंधन से VIP पार्टी के उम्मीदवार श्री सकलदेव बिंद जी और अन्य वरिष्ठ नेतागण को विशाल जनसभा में भाजपा की सदस्यता दिलाई। सभी ने एक स्वर और एक मत से #PhirEkBarNDASarkar लाने का संकल्प लिया।
तारापुर और बिहार ने मन बना लिया… pic.twitter.com/Qib4YucoYb
"षड्यंत्र हुआ मेरे साथ"
164 तारापुर सीट से टिकट पाने वाले सकलदेव बिंद ने पार्टी से अलग होने के पीछे गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि, "मेरे खिलाफ पार्टी के अंदर ही षड्यंत्र रचा गया, मेरा टिकट जानबूझकर काटा गया ताकि एक अति पिछड़ा वर्ग के बेटे को किनारे किया जा सके." उन्होंने साफ किया कि अब वे VIP पार्टी को अलविदा कह चुके हैं और अब उनका समर्थन सम्राट चौधरी और भारतीय जनता पार्टी को है.
नामांकन वापसी और नया मोर्चा
बिंद ने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि वे आज ही नामांकन वापस लेंगे और यह निर्णय किसी सौदेबाज़ी का हिस्सा नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ पर आधारित है. बिंद ने कहा, "यह कोई डील नहीं, जनता की भावना है. मैं अब खुलकर बीजेपी के साथ हूं."
चुनावी समीकरणों में उलटफेर
इस फैसले का सीधा असर महागठबंधन पर पड़ना तय है, खासकर उस समय जब VIP पार्टी महागठबंधन का हिस्सा बनी हुई है. तारापुर सीट अति पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं के लिहाज़ से संवेदनशील मानी जाती है. बिंद की छवि स्थानीय स्तर पर मजबूत है, और उनका समर्थन भाजपा को सीधे जातिगत लाभ दिला सकता है. यह घटनाक्रम महागठबंधन की आंतरिक कलह और स्थानीय असंतोष को भी उजागर करता है, जो चुनावी नतीजों पर गहरा असर डाल सकता है.
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