Gaya Hindi Samachar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गयाजी में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक अहम कार्यक्रम में न सिर्फ राज्य में चल रही विकास योजनाओं का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया, बल्कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल पर तीखा प्रहार भी किया. उन्होंने कहा कि आज बिहार विकास की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और इसका श्रेय राज्य सरकार की योजनाबद्ध नीतियों और केंद्र सरकार के सहयोग को जाता है.
कार्यक्रम में मंच से बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद चिंताजनक थी. उन्होंने याद दिलाया कि तब ना लोगों के पास पहनने को ठीक कपड़े थे, ना बिजली, ना सड़क, और ना ही महिलाओं या अल्पसंख्यकों के लिए कोई ठोस योजनाएं. लेकिन 24 नवंबर 2005 को जब एनडीए सरकार बनी, तभी से बिहार में वास्तविक बदलाव की शुरुआत हुई.
#WATCH | Bihar CM Nitish Kumar says, "Pension for elderly, persons with disabilities, and widows has been increased from Rs 400 to Rs 1100. 1.12 crore people will benefit... Free domestic electricity will be provided to everyone... 39 lakh people have been given employment.… pic.twitter.com/arvuMXOkwb
— ANI (@ANI) August 22, 2025
उन्होंने कहा कि आज की तारीख में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया जा रहा है, जो राज्य के आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे को एक नई दिशा देंगे. मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष धन्यवाद किया और बताया कि गयाजी के बाद पीएम मोदी बेगूसराय के सिमरिया में गंगा नदी पर बने नवनिर्मित पुल का लोकार्पण करेंगे.
गया और बोधगया को दिया गया नया आयाम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गया और बोधगया को लेकर अपने विज़न को भी साझा किया. उन्होंने कहा कि पहले ये दोनों धार्मिक स्थल बुनियादी सुविधाओं की दृष्टि से उपेक्षित थे. लेकिन अब राज्य सरकार ने यहां तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं. फल्गु नदी पर ‘सीता सेतु’ के रूप में रबर डैम का निर्माण और बोधगया में ‘महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र’ की स्थापना इसका उदाहरण है. उन्होंने बताया कि गया को अब 'गयाजी' के नाम से आधिकारिक रूप से जाना जा रहा है, यह ना केवल सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का संकेत भी.
हर वर्ग के लिए योजनाएं, हर व्यक्ति तक पहुंच
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है. शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली जैसे सभी क्षेत्रों में बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है. उन्होंने बताया कि हाल ही में वृद्धजन, दिव्यांगजन और विधवा महिलाओं की पेंशन राशि ₹400 से बढ़ाकर ₹1,100 कर दी गई है, जिससे 1.12 करोड़ लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा.
रोजगार पर फोकस, बिजली फ्री, उद्योगों को बढ़ावा
नीतीश कुमार ने रोजगार के मोर्चे पर सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां और 39 लाख लोगों को अन्य माध्यमों से रोजगार दिया गया है. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि चुनाव से पहले यह आंकड़ा 50 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है और अगली सरकार बनने पर पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी या स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य के सभी घरों तक ‘हर घर बिजली’ योजना के तहत बिजली पहुंचा दी गई है और अब इस सेवा को पूर्णतः निःशुल्क करने का निर्णय लिया गया है.
प्रधानमंत्री को बताया विकास का सहयोगी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर धन्यवाद देते हुए कहा कि केंद्र सरकार से राज्य को निरंतर सहयोग मिल रहा है. आने वाले समय में बिहार को विशेष वार्षिक सहायता मिलने की भी उम्मीद है. उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 के बजट में मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट और कोसी क्षेत्र के विकास के लिए विशेष राशि का आवंटन किया गया है. मुख्यमंत्री ने अपने पूरे भाषण में एक बात बार-बार दोहराई, बिहार अब अतीत की ओर नहीं, भविष्य की ओर देख रहा है. और इस भविष्य की बुनियाद वो योजनाएं हैं, जो लोगों की ज़रूरतों से जुड़ी हैं, और विकास की उस सोच से निकली हैं, जो समावेशी है.
यह भी पढ़ें- ओमान की खाड़ी और हिंद महासागर में ईरान ने बरसा दी मिसाइलें, बढ़ जाएगी नेतन्याहू की टेंशन!