Jamui: हथियार माफिया के खिलाफ पुलिस और STF की बड़ी कार्रवाई, AK-47 सप्लायर फिरोज आलम पटना से गिरफ्तार

AK 47 Supplier Arrested From Jamui: बिहार के जमुई जिले में पुलिस को अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. मलयपुर थाना पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय स्तर पर AK-47 जैसे प्रतिबंधित हथियारों की सप्लाई करने वाले एक कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.

bihar Jamui action by police and STF against arms mafia AK-47 supplier Firoz Alam arrested from Patna
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

AK 47 Supplier Arrested From Jamui: बिहार के जमुई जिले में पुलिस को अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. मलयपुर थाना पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय स्तर पर AK-47 जैसे प्रतिबंधित हथियारों की सप्लाई करने वाले एक कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपी मोहम्मद फिरोज आलम आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया.

पुलिस के अनुसार, मोहम्मद फिरोज आलम बीते काफी समय से कानून की पकड़ से बाहर था और अलग-अलग ठिकाने बदलकर रह रहा था. हाल ही में मलयपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी पटना के एक इलाके में छिपकर रह रहा है. सूचना की पुष्टि के बाद मलयपुर पुलिस ने STF और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक विशेष रणनीति बनाई. इसके बाद पटना में संयुक्त छापेमारी कर आरोपी को घेराबंदी के जरिए गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद उसे जमुई लाकर मलयपुर थाना में रखा गया.

मुंगेर का रहने वाला है आरोपी

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत मिर्जापुर बरदह गांव निवासी मोहम्मद फिरोज आलम के रूप में हुई है. वह तस्लीम आलम का पुत्र है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, फिरोज आलम का नाम पहले से ही कई संगीन मामलों में दर्ज है और वह खास तौर पर AK-47 जैसे अत्याधुनिक और प्रतिबंधित हथियारों की सप्लाई में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है. मलयपुर थाना में भी उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले पहले से दर्ज हैं.

कई राज्यों में फैला था नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि फिरोज आलम का नेटवर्क सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं था, बल्कि वह बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में फैले अवैध हथियार सप्लाई गिरोह से जुड़ा हुआ था. पुलिस को आशंका है कि वह लंबे समय से अपराधियों और संगठित गिरोहों तक हथियार पहुंचाने का काम कर रहा था. उसकी गिरफ्तारी को अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है.

लंबे समय से तलाश में थी पुलिस

मलयपुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर विकास कुमार ने बताया कि मोहम्मद फिरोज आलम AK-47 हथियार सप्लाई से जुड़े मामलों में वांछित था और पुलिस को उसकी काफी समय से तलाश थी. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ के बाद आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए मुंगेर पुलिस के हवाले कर दिया गया है.

सप्लाई चेन की गहन जांच

पुलिस अब आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर अवैध हथियारों की पूरी सप्लाई चेन को खंगाल रही है. इसमें हथियारों के स्रोत, उनकी खरीद-फरोख्त के तरीके, ट्रांसपोर्ट के रास्ते और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं.

अन्य आरोपियों पर भी कसेगा शिकंजा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस इसे राज्य में अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता मान रही है.

इस पूरे मामले को लेकर SSP कार्तिकेय शर्मा आज गुरुवार को विस्तृत जानकारी साझा करेंगे. माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी के बाद अवैध हथियार तस्करी के कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं और संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगेगा.

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