Tej Pratap Yadav News: लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव, जो अक्सर अपने आध्यात्मिक अंदाज़ और अलग छवि की वजह से चर्चाओं में रहते हैं, एक बार फिर सुर्खियों का केंद्र बन गए हैं. राजनीतिक पृष्ठभूमि से थोड़ा दूर और परिवार में भी खुद को अलग-थलग महसूस करने वाले तेज प्रताप ने 3 दिसंबर को जो वीडियो साझा किया, उसने उनके वर्तमान मनोभावों और राजनीतिक संकेतों को एक नए अंदाज़ में सामने ला दिया.
तेज प्रताप ने तड़के लगभग पौने पांच बजे एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह अपने पटना स्थित सरकारी बंगले में खड़े होकर सूरज की ओर आंखें मूंदे दिखाई देते हैं. आसमानी जींस, काली हुडी और लाल शर्ट पहने तेज प्रताप की मुद्रा किसी साधक जैसी लग रही थी.
जब दुनिया आपको बुरा महसूस कराती है, तो महादेव आपकी मदद के लिए आते हैं।#LordShiva pic.twitter.com/pcPgW4pp9V
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) December 2, 2025
वीडियो में बैकग्राउंड में शिव के रौद्र-स्वरूप का भजन बज रहा है, और उनकी ओर कैमरा पकड़े एक व्यक्ति रिकॉर्डिंग कर रहा है. पूरा माहौल किसी आध्यात्मिक साधना जैसा दिखता है लेकिन इसकी असली चर्चा इसके कैप्शन ने शुरू कराई.
कैप्शन में छिपा भाव, राजनीति या भावनाओं की पुकार?
तेज प्रताप ने लिखा, “जब दुनिया आपको बुरा महसूस कराती है, तो महादेव आपकी मदद के लिए आते हैं.” यह वाक्य सिर्फ एक भक्ति भाव नहीं, बल्कि उनके अंदर चल रहे राजनीतिक और पारिवारिक खिंचाव की ओर एक सूक्ष्म इशारा है. पिछले दिनों तेज प्रताप ने खुले तौर पर कहा था कि उन्हें ‘अकेला’ कर दिया गया है और महुआ में उनके खिलाफ प्रचार से वह बेहद आहत हैं.
इस वीडियो को देखने के बाद लोगों को लग रहा है कि तेज प्रताप खुद को एक ऐसे मोड़ पर महसूस कर रहे हैं जहाँ उनकी उम्मीदें अब राजनीति नहीं, बल्कि महादेव से जुड़ी हुई प्रतीत होती हैं.
महादेव का सहारा या राजनीतिक नाराज़गी की प्रतीकात्मक भाषा?
तेजस्वी यादव से बढ़ते मतभेद और पार्टी संगठन से दूरी ने तेज प्रताप को पहले भी चर्चाओं में रखा है. महुआ में अपने खिलाफ प्रचार पर उन्होंने कहा था कि अगर राजद उनके विरुद्ध उतरेगी, तो वह राघोपुर में जन शक्ति जनता दल के उम्मीदवार के लिए प्रचार करेंगे और उन्होंने ऐसा किया भी.
ऐसे माहौल में आया यह नया वीडियो, जिसमें वह खुद को सूरज की रोशनी और महादेव की भक्ति में डूबा दिखा रहे हैं, उनके मन में चल रही बेचैनी और संघर्ष को एक शांत, लेकिन प्रभावी तरीके से उजागर कर रहा है. यह लगभग स्पष्ट-सा संदेश देता हुआ लगता है कि तेज प्रताप किसी भी राजनीतिक समीकरण से परे, खुद को ईश्वर की शरण में रखकर आगे बढ़ने का संकेत दे रहे हैं.
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