कोई छू रहा पैर, कोई टेक रहा माथा... बिजनौर में लोग क्यों कर रहे इस कुत्ते की पूजा? वजह कर देगी हैरान

Bijnor Viral Dog: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना तहसील स्थित एक प्राचीन मंदिर परिसर में एक कुत्ता इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. पिछले तीन-चार दिनों से इस कुत्ते का रहस्यमयी व्यवहार लोगों को हैरान कर रहा है.

Bijnor viral dog Circumbulating Idols People are worshipping this dog
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Bijnor Viral Dog: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना तहसील स्थित एक प्राचीन मंदिर परिसर में एक कुत्ता इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. पिछले तीन-चार दिनों से इस कुत्ते का रहस्यमयी व्यवहार लोगों को हैरान कर रहा है. कुत्ता पहले घंटों तक मंदिर में मौजूद हनुमान जी और दुर्गा मां की मूर्तियों के आसपास परिक्रमा करता रहा, लेकिन आज अचानक उसने मंदिर के एक स्थान पर शांत बैठकर श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. इस दृश्य ने मंदिर में मौजूद भक्तों को चमत्कारी आस्था से भर दिया और कुत्ते के पैरों में माथा टेकने की बारी आ गई.

श्रद्धालुओं के लिए दैवीय चमत्कार

मंदिर परिसर में उमड़ी भीड़ और श्रद्धालुओं की आस्था का यह दृश्य कुछ खास बन गया है. भक्तों का मानना है कि यह कुत्ता कोई सामान्य कुत्ता नहीं, बल्कि दैवीय आशीर्वाद का प्रतीक है. कुत्ता जैसे ही मूर्तियों के पास पहुंचा और परिक्रमा करने लगा, श्रद्धालु इसे भगवान की कृपा समझने लगे. एक समय ऐसा आया जब कुत्ता मंदिर के अंदर शांत होकर बैठ गया, और लोग इसे ‘समाधि’ की मुद्रा में देख रहे थे. इससे भक्तों में एक विशेष ऊर्जा और आस्था का संचार हुआ है. सोशल मीडिया पर इस घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर में दर्शनों के लिए आने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है.

मंदिर में भक्तों की भारी भीड़

मंदिर में अचानक उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने परिसर को मेले जैसा बना दिया है. लोग इस अद्भुत दृश्य को अपनी आंखों में कैद करने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं. साथ ही, कुत्ते को आशीर्वाद लेने के लिए भी लोग उसके पास जाते हैं. मंदिर के बाहर छोटे-छोटे व्यापारियों ने अपनी दुकानें सजा ली हैं, जिसमें प्रसाद, खिलौने और चाट-पकौड़ी जैसी चीजें बिक रही हैं. पूरा इलाका उत्सव के रंगों से भरा हुआ है. प्रशासन भी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क है ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा दोनों बनी रहे.

समाज में विभिन्न प्रतिक्रियाएं

हालांकि, इस चमत्कारी घटना को लेकर समाज में विभाजन भी देखा जा रहा है. एक वर्ग इसे कुत्ते की स्वाभाविक स्थिति या शारीरिक कारणों से जोड़कर देख रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे एक आस्था का प्रतीक मानकर श्रद्धा से जुड़ा हुआ मान रहा है. कुछ लोग इसे बस एक संयोग मान रहे हैं, लेकिन मंदिर में आए श्रद्धालुओं का उत्साह और विश्वास इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मानते. इस कुत्ते की रहस्यमयी हरकत ने इस इलाके में एक नई जिज्ञासा और श्रद्धा का वातावरण बना दिया है.

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