Board Of Peace: गाजा में शांति के लिए ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान को दिया न्योता, क्यों ले रहे एक अरब डॉलर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा क्षेत्र में स्थायी शांति और पुनर्निर्माण के लिए एक नया पहल शुरू किया है, जिसे उन्होंने "बोर्ड ऑफ पीस" नाम दिया है.

Board Of Peace For Gaza Trump invited India-Pakistan
प्रतिकात्मक तस्वीर/ Bharat 24

Board Of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा क्षेत्र में स्थायी शांति और पुनर्निर्माण के लिए एक नया पहल शुरू किया है, जिसे उन्होंने "बोर्ड ऑफ पीस" नाम दिया है. इस पहल के तहत, ट्रंप ने कई देशों को बोर्ड का सदस्य बनने का निमंत्रण भेजा है, जिनमें भारत, पाकिस्तान, और तुर्की शामिल हैं. बोर्ड का मुख्य उद्देश्य गाजा के पुनर्निर्माण की निगरानी करना है, जो पिछले कुछ वर्षों में इजरायल के लगातार हमलों से बुरी तरह तबाह हो चुका है.

हालांकि, इस बोर्ड की सदस्यता एक महंगा सौदा बन गई है. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड में सदस्य बनने के लिए देशों को 1 अरब डॉलर यानी लगभग 9,000 करोड़ भारतीय रुपये की फीस चुकानी होगी. यह फीस गाजा के पुनर्निर्माण के लिए एकत्रित की जाएगी, और इसके बदले देशों को स्थायी सदस्यता मिलेगी. ट्रंप का कहना है कि इस फंड का अधिकांश हिस्सा इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में खर्च होगा, और इसमें प्रशासनिक खर्चे बहुत कम होंगे.

बोर्ड की संरचना और कार्यप्रणाली

"बोर्ड ऑफ पीस" का उद्देश्य गाजा में शांति स्थापित करना और क्षेत्र के पुनर्निर्माण को सशक्त तरीके से संचालित करना है. इसके गठन के बाद, किसी भी देश को स्थायी सदस्यता तभी मिल सकेगी, जब वह एक अरब डॉलर की राशि का भुगतान करेगा. शुरूआत में, बोर्ड में सदस्य बनने वाले देशों से किसी प्रकार की पेमेंट की उम्मीद नहीं की जा रही है. लेकिन, बोर्ड के कार्यकाल के पहले तीन वर्षों के बाद, यदि कोई देश बने रहना चाहता है तो उसे यह बड़ी राशि चुकानी होगी.

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस फंड का उपयोग गाजा के बुनियादी ढांचे के निर्माण में किया जाएगा, जिसमें घरों, अस्पतालों, स्कूलों और अन्य आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा. इस पैसे का इस्तेमाल अधिकतर भौतिक निर्माण कार्यों पर होगा, और प्रशासनिक खर्चे अपेक्षाकृत कम होंगे. इस पहल को ट्रंप ने गाजा के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है.

बोर्ड का नेतृत्व और सदस्य

"बोर्ड ऑफ पीस" का नेतृत्व खुद डोनाल्ड ट्रंप करेंगे, और इसमें कुछ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेताओं को भी शामिल किया गया है. इनमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल हैं. इन नेताओं के अनुभव और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव के कारण ट्रंप को उम्मीद है कि यह पहल गाजा में स्थायी शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

ट्रंप का कहना है कि यह बोर्ड गाजा और समग्र मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम होगा. उन्होंने इसे "अब तक का सबसे महान और प्रतिष्ठित बोर्ड" बताते हुए दावा किया कि इस पहल से पूरे क्षेत्र में शांति का माहौल बनेगा. गाजा में इजरायल के दो साल के आक्रमणों के कारण जो तबाही मची है, उसे ठीक करने के लिए ट्रंप की इस योजना को एक निर्णायक कदम माना जा रहा है.

गाजा के पुनर्निर्माण की आवश्यकता

गाजा का क्षेत्र लंबे समय से हिंसा और संघर्षों का शिकार रहा है, विशेष रूप से इजरायल द्वारा किए गए हमलों के कारण. इन हमलों में लाखों लोग बेघर हो गए हैं, और गाजा के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है. गाजा के नागरिकों के जीवन की सामान्य स्थिति को बहाल करने के लिए व्यापक पुनर्निर्माण की आवश्यकता है, और यही कारण है कि ट्रंप की इस पहल को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

फिलिस्तीन और गाजा का भविष्य

हालांकि, इस बोर्ड में फिलिस्तीनी अथॉरिटी का कोई प्रतिनिधित्व नहीं होगा, लेकिन माना जा रहा है कि गाजा के पुनर्निर्माण के बाद इसे नियंत्रित करने का अधिकार फिलिस्तीन को सौंपा जा सकता है. फिलिस्तीनी नेताओं का मानना है कि गाजा के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में उन्हें भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि वे क्षेत्र के भविष्य के लिए निर्णायक भूमिका निभा सकें. फिलहाल, इस बोर्ड के गठन और इसकी कार्यप्रणाली के बारे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं, लेकिन ट्रंप का कहना है कि यह पहल गाजा और समग्र मध्य पूर्व में एक स्थायी शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा.

भारत और पाकिस्तान को निमंत्रण

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के नेताओं को भी इस पहल में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है. ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्हें बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है. इस पत्र को भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर साझा किया है. ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी इस बोर्ड में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने यह जानकारी दी और कहा कि पाकिस्तान को ट्रंप की ओर से औपचारिक निमंत्रण प्राप्त हुआ है.

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