पुणे मेट्रो के विस्तार को मिली हरी झंडी, कैबिनेट ने 9,857.85 करोड़ रुपये के बजट को दी मंजूरी

Pune Metro Expansion: पुणे के पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने पुणे मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के विस्तार को मंजूरी दे दी है.

Cabinet approves budget for expansion of Pune Metro
Image Source: Social Media

Pune Metro Expansion: पुणे के पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने पुणे मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के विस्तार को मंजूरी दे दी है. इस परियोजना का कुल बजट 9,857.85 करोड़ रुपये है, जो शहर की सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को और मजबूत करेगा. मेट्रो नेटवर्क के इस विस्तार से पुणे के विभिन्न इलाकों को एक दूसरे से जोड़ने के साथ-साथ शहर में ट्रैफिक की समस्या को भी कम किया जाएगा.

दूसरे चरण में कौन सी लाइनें होंगी शामिल?

पुणे मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में दो नई महत्वपूर्ण लाइनें जोड़ी जाएंगी. इनमें से लाइन 4, जो खरडी–हडपसर–स्वरगेट–खड़कवासला के रास्ते तय करेगी, और लाइन 4A, जो नल स्टॉप–वारजे–माणिक बाग को जोड़ने का काम करेगी. इन दोनों लाइनों को मंजूरी मिलने के साथ ही पुणे मेट्रो का नेटवर्क और अधिक विस्तार करेगा. इस प्रोजेक्ट की शुरुआत पहले से मंजूर की गई लाइन 2A (वनज–चांदनी चौक) और लाइन 2B (रामवाड़ी–वाघोली/विट्ठलवाड़ी) के बाद की जा रही है, जो पहले ही पूरे शहर में चर्चा का विषय बन चुकी हैं.

पुणे में 28 नए एलिवेटेड स्टेशन

पुणे के पब्लिक ट्रांजिट सिस्टम में इस विस्तार के साथ 31.636 किलोमीटर और 28 एलिवेटेड स्टेशन जोड़े जाएंगे. यह लाइनें पुणे के ईस्ट, साउथ और वेस्ट हिस्सों को कवर करेंगी और शहर के आईटी हब, कमर्शियल जोन, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस और रेजिडेंशियल एरिया को आपस में जोड़ने का काम करेंगी. इस नए विस्तार से पुणे का मेट्रो नेटवर्क और भी सघन हो जाएगा, जिससे लोगों को बेहतर और तेज़ परिवहन की सुविधा मिलेगी.

मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी से जुड़ेगा शहर

इस विस्तार को मौजूदा और पहले से मंजूर कॉरिडोर के साथ जोड़ा जाएगा. उदाहरण के तौर पर, खराडी बाईपास, नल स्टॉप और स्वर्गेट पर इंटरचेंज पॉइंट्स बनाए जाएंगे. इसके अलावा, हड़पसर रेलवे स्टेशन से भी मेट्रो का सीधा कनेक्शन होगा, जिससे रेल और मेट्रो दोनों के बीच मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी संभव होगी. इससे यात्री मेट्रो और रेल का मिश्रित उपयोग कर सकेंगे, जिससे यात्रा को और भी सुविधाजनक बनाया जा सकेगा.

पुणे के व्यस्त इलाकों को ध्यान में रखकर बनाए गए रूट्स

पुणे मेट्रो के इस विस्तार में जो रूट चुने गए हैं, वे शहर की सबसे अधिक भीड़-भाड़ वाली सड़कों से होकर गुजरेंगे. इनमें सोलापुर रोड, सिंहगढ़ रोड और मुंबई-बेंगलुरु हाईवे जैसे प्रमुख रास्ते शामिल हैं, जहां हर दिन लाखों वाहन चलते हैं. इन इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने से ट्रैफिक की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी और नागरिकों को सफर में और भी आरामदायक अनुभव मिलेगा.

पुणे मेट्रो का नेटवर्क 100 किमी के पार

इस परियोजना के विस्तार के साथ पुणे मेट्रो का नेटवर्क 100 किमी के आंकड़े को पार कर जाएगा, जो शहर के लिए एक अहम मील का पत्थर है. इससे पुणे मेट्रो को और अधिक यात्रियों की सेवा करने का अवसर मिलेगा और साथ ही मेट्रो के लिए यात्रियों की मांग में भी बढ़ोतरी होगी. इस विस्तार से पुणे के नागरिकों को न केवल आरामदायक और तेज़ यात्रा की सुविधा मिलेगी, बल्कि यह शहर को पर्यावरण के प्रति भी ज्यादा संवेदनशील बनाएगा.

केंद्र और राज्य सरकार का सहयोग

इस महत्वपूर्ण परियोजना को भारत सरकार, महाराष्ट्र राज्य सरकार और विभिन्न बाहरी बाइलेटरल और मल्टीलेटरल फंडिंग एजेंसियां मिलकर फंड करेंगी. यह कदम सरकार की सशक्त परिवहन नीतियों का हिस्सा है, जो न केवल पुणे के लोगों के लिए बेहतर ट्रांसपोर्ट विकल्प उपलब्ध कराएगा, बल्कि शहर की पूरी आर्थिक संरचना को भी बेहतर बनाएगा.

ये भी पढ़ें: देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को टर्बोचार्ज करने की तैयारी, कैबिनेट ने एक ही दिन में खोले निवेश के बड़े दरवाज़े