नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल उस समय तेज हो गई जब कनाडा के संभावित प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक साहसिक बयान देते हुए कहा कि यदि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कनाडा आते हैं, तो उन्हें गिरफ़्तार किया जाएगा. यह बयान इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के संदर्भ में दिया गया, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान एक बार फिर गाजा संघर्ष पर केंद्रित कर दिया है.
"ICC वारंट लागू किया जाएगा"
एक साक्षात्कार के दौरान जब कार्नी से पूछा गया कि क्या वे ICC द्वारा जारी वारंट को लागू करेंगे, तो उन्होंने बिना झिझक दो बार "हां" में जवाब दिया. कार्नी ने स्पष्ट किया कि वे पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की नीति का पालन करेंगे, जिसमें फिलिस्तीन को मान्यता देना भी शामिल है. उनके अनुसार, कनाडा का उद्देश्य है कि इजरायल और फिलिस्तीन दोनों शांति और सुरक्षा के साथ सह-अस्तित्व में रहें.
इजरायल की तीखी प्रतिक्रिया
कार्नी के बयान के तुरंत बाद इजरायली सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी. इजरायल की प्रवक्ता शोष बेड्रोसियन ने कहा कि कार्नी को नेतन्याहू की गिरफ्तारी की बात वापस लेनी चाहिए. उन्होंने तर्क दिया कि नेतन्याहू मध्य-पूर्व के एकमात्र यहूदी लोकतांत्रिक राष्ट्र के प्रधानमंत्री हैं और कनाडा को उनका स्वागत करना चाहिए.
ICC का वारंट: युद्ध अपराधों का आरोप
इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) ने नेतन्याहू के खिलाफ गाजा में युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप में वारंट जारी किया है. हालांकि इजरायल इस वारंट को अस्वीकार करता है और ICC की वैधता को भी नहीं मानता.
नेतन्याहू सरकार की नीतियों पर कार्नी का हमला
कार्नी ने न केवल ICC वारंट का समर्थन किया, बल्कि नेतन्याहू सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना भी की. उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल फिलिस्तीनी राज्य की संभावना को जानबूझकर नष्ट कर रहा है. उन्होंने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और कनाडा की 1947 से चली आ रही नीति के खिलाफ बताया.
फिलिस्तीन को मान्यता: कनाडा किसके साथ?
हालांकि अमेरिका फिलहाल फिलिस्तीन को मान्यता देने के खिलाफ है, लेकिन कार्नी ने ज़ोर देकर कहा कि कनाडा का रुख स्पष्ट है. उन्होंने बताया कि 150 से अधिक देश (जैसे स्पेन, फ्रांस, ब्रिटेन) पहले ही फिलिस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दे चुके हैं. अब कनाडा भी उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है.
पुतिन पर भी गिरफ्तारी की चेतावनी
इसी बीच, पोलैंड ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी चेतावनी दी है कि अगर वे उसके हवाई क्षेत्र से गुजरते हैं, तो ICC के वारंट के तहत उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है. इसके विपरीत, बुल्गारिया ने पुतिन को अपने क्षेत्र से गुज़रने की अनुमति देने की बात कही है.
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