नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने आधिकारिक रूप से G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने का आमंत्रण दिया है. यह सम्मेलन आठ दिनों बाद कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के कनानास्किस में आयोजित होने वाला है. पीएम मोदी ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि वे इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने को लेकर उत्साहित हैं.
बीते एक हफ्ते से इस बात को लेकर अटकलें तेज थीं कि क्या भारत को इस बार G7 में आमंत्रित किया जाएगा, क्योंकि पहले तक कोई निमंत्रण नहीं मिला था. विपक्ष ने भी इसे लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे. हालांकि 2019 से लेकर अब तक प्रधानमंत्री मोदी को हर G7 बैठक में आमंत्रित किया जाता रहा है, भले ही भारत G7 का सदस्य न हो.
मोदी ने पीएम मार्क कार्नी को उनके चुनावी विजय पर बधाई देते हुए यह भरोसा जताया कि भारत और कनाडा के बीच गहरे जनसंपर्क और साझा हितों के आधार पर द्विपक्षीय रिश्ते नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेंगे.
भारत-कनाडा संबंधों में नया अध्याय?
प्रधानमंत्री कार्नी के साथ बातचीत में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय कानून व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर संवाद जारी रखने की सहमति जताई. यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पिछले वर्ष कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में संलिप्तता का आरोप लगाया था. भारत ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा था कि कनाडा इस संबंध में कोई विश्वसनीय सबूत नहीं दे पाया.
मोदी की इस यात्रा से पहले भारत यह सुनिश्चित करना चाहेगा कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक तत्व भारत-विरोधी गतिविधियों को अंजाम न दे सकें. भारत की यह स्पष्ट मांग रही है कि कनाडा अपनी ज़मीन पर भारत विरोधी तत्वों पर कठोर कार्रवाई करे और भारतीय राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
सिंदूर के बाद पहला विदेशी दौरा
G7 शिखर सम्मेलन प्रधानमंत्री मोदी का पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पहला अंतरराष्ट्रीय दौरा होगा. ऐसे में उम्मीद है कि वे इस मंच का उपयोग पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के मुद्दे को वैश्विक स्तर पर उठाने के लिए करेंगे. सूत्रों के अनुसार, मोदी इस अवसर पर भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कड़े कदमों और सीमा पार से हो रहे हमलों के खिलाफ अपनी नीति को वैश्विक समुदाय के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं.
ट्रंप से भी होगी पहली मुलाकात
इस शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात होगी. दोनों नेताओं की पिछली द्विपक्षीय बातचीत फरवरी में वॉशिंगटन में हुई थी. माना जा रहा है कि भारत-अमेरिका संबंधों में प्रगति और दक्षिण एशिया में स्थिरता को लेकर भी चर्चा की जाएगी.
रिश्तों की बहाली की कोशिश
भारत और कनाडा के बीच बीते कुछ वर्षों में उत्पन्न तनाव के बाद अब दोनों देश एक-एक कदम आगे बढ़ाकर संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं. उच्चायुक्तों की फिर से नियुक्ति पर भी विचार चल रहा है. कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने भी हाल ही में कहा था कि कानून के राज से कोई समझौता नहीं होगा, लेकिन कनाडा भारत के साथ मजबूत साझेदारी की ओर देख रहा है.
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