वाशिंगटन में एक अहम मुलाकात के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस भूमिका की सराहना की, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को टालने का दावा किया था. कार्नी ने वाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात करते हुए इस वर्ष मई में भारत-पाक के बीच हुए टकराव का उल्लेख किया और ट्रंप के ‘शांति प्रयासों’ की खुले तौर पर तारीफ की.
कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा, “आप न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया में बदलाव लाने वाले नेता हैं. आपने नाटो में योगदान, ईरान के खिलाफ दबाव, भारत-पाकिस्तान और अजरबैजान-आर्मेनिया जैसे संघर्षों में शांति की दिशा में जो कदम उठाए, वे उल्लेखनीय हैं.” कार्नी की इस टिप्पणी को ट्रंप के उन पुराने बयानों के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें वे बार-बार खुद को भारत-पाक संघर्ष रोकने वाला बताते रहे हैं.
ट्रंप का दावा “मेरे दबाव ने संघर्ष रोका”
डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कई बार यह दावा कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में जो सैन्य तनाव बढ़ा था, उसे उन्होंने टैरिफ और दबाव की रणनीति के जरिए रोका. हाल ही में उन्होंने कहा, “अगर टैरिफ लगाने की मेरी शक्ति न होती तो दुनिया में चार से अधिक युद्ध छिड़ चुके होते. भारत और पाकिस्तान के मामले में भी जो कहा, वह कारगर रहा.”
भारत ने किया अमेरिकी भूमिका से इनकार
हालांकि भारत ने ट्रंप के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. नई दिल्ली का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम किसी तीसरे देश के हस्तक्षेप का परिणाम नहीं था. भारतीय रक्षा मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह समझौता दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) के बीच नियमित सैन्य संपर्कों और संवाद का नतीजा था, जिसमें अमेरिका की कोई भागीदारी नहीं रही.
ट्रंप और कार्नी की मुलाकात के सियासी मायने
मार्क कार्नी, जिन्हें हाल ही में अप्रैल में कनाडा का प्रधानमंत्री चुना गया था, इससे पहले मई में भी ट्रंप से मिले थे. उस वक्त कनाडा और अमेरिका के बीच रिश्तों में खिंचाव की स्थिति थी, जब ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका में शामिल करने की धमकी दी थी. बावजूद इसके, मौजूदा बैठक में दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक संवाद देखने को मिला.
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