Karoline Leavitt: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता में वापसी के साथ ही Immigration Crackdown फिर चरम पर है. रेड, डिटेंशन और डिपोर्टेशन की रफ्तार तेज है, लेकिन इस बार कहानी ने एक अप्रत्याशित मोड़ ले लिया. जो पॉलिसी कैरोलाइन लेविट रोज़ मंच से बचाव करती दिखती हैं, उसी का असर अब सीधे उनके ही परिवार पर पड़ गया है. राजनीति के गलियारों में इसे “ट्रंप-युग की सबसे बड़ी आइरनी” कहा जा रहा है.
मैसाचुसेट्स के रिवियर इलाके में कुछ दिन पहले ICE एजेंटों ने ब्राजील की रहने वाली ब्रूना कैरोलाइन फरेरा को हिरासत में लिया. ब्रूना 1999 में B2 टूरिस्ट वीजा पर अमेरिका आईं, और जून में वीजा एक्सपायर होने के बाद देश में ही रुक गईं. अब DHS ने उन्हें “क्रिमिनल इललीगल एलियन” करार दिया है, अवैध प्रवासी जिस पर एक पुराना बैटरी (मारपीट) का केस भी दर्ज है.
क्रिस्टी नोएम और ट्रंप की नई “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत ऐसे सभी व्यक्तियों को अमेरिका से तत्काल डिपोर्ट किया जा सकता है. इसी प्रक्रिया के तहत ब्रूना को अब लुइजियाना के ICE डिटेंशन सेंटर में रखा गया है.
परिवार की अंदरूनी कहानी, जहाँ सब रिश्ते उलझे हुए हैं
मामला सिर्फ एक इमिग्रेशन केस नहीं है, इसमें परिवार का एक गहरा पेंच भी जुड़ा है. ब्रूना और कैरोलाइन के भाई माइकल लेविट का एक 11 साल का बेटा है, जो जन्म से ही अपने पिता के साथ रहा है, माँ के साथ कभी नहीं.
करीबी सूत्रों के अनुसार, ब्रूना और कैरोलाइन के बीच सालों से बात तक नहीं होती. माइकल ने भी अपना रुख न्यूनतम शब्दों में रखा, उन्होंने WBUR को दिए स्टेटमेंट में कहा, “मेरी प्राथमिकता सिर्फ मेरे बेटे की सुरक्षा, भलाई और प्राइवेसी है.”
व्हाइट हाउस इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है. जबकि कैरोलाइन लेविट रोज ट्रंप की इमिग्रेशन कार्रवाई का बचाव करती हैं, अपने परिवार की स्थिति पर एक शब्द नहीं बोलीं, जिसे अमेरिकी मीडिया खुलकर “क्लासिक आयरनी” बता रहा है.
ब्रूना की बहन ने शुरू की कानूनी लड़ाई के लिए फंडिंग
ब्रूना की बहन ग्राजिएला डोस सैंटोस रोड्रिग्स ने GoFundMe पर 30,000 डॉलर जुटाने का अभियान शुरू किया है. अब तक 14,000 डॉलर से ज्यादा जमा भी हो चुके हैं. ब्रूना के वकील टॉड पोमरलो ने दावा किया है कि ब्रूना बचपन में अमेरिका लाई गई थीं और DACA प्रोग्राम के तहत उन्हें प्रोटेक्शन होना चाहिए. उनका कहना है कि ग्रीन कार्ड की प्रोसेस भी शुरू थी. लेकिन DHS का कहना है कि अगर DACA लाभार्थी पर कोई क्रिमिनल चार्ज हो जाए, तो उसका प्रोटेक्शन तुरंत रद्द हो सकता है.
अब आगे क्या?
केस तेजी से आगे बढ़ रहा है और ब्रूना के डिपोर्ट होने की संभावना मजबूत है. लेकिन कानूनी टीम अभी भी अंतिम समय तक लड़ाई जारी रखने की बात कह रही है. वहीं राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि ट्रंप की सख्त पॉलिसी अब यह दिखा रही है कि “अपवाद किसी के लिए भी नहीं”, चाहे वो व्हाइट हाउस के भीतर ही क्यों न हो.
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